Difference Between Kajari Teej And Hartalika Teej (कजरी तीज और हरतालिका तीज में क्या अंतर है?): हिंदू धर्म में तीन तरह की तीज मनाई जाती है, हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज। हरियाली तीज तो सावन में आती है लेकिन कजरी तीज और हरतालिका तीज दोनों ही भाद्रपद में मनाया जाता है। अब इन दोनों में क्या अंतर है, ये आप यहां से समझें। साथ ही जानें की कल यानी 12 अगस्त को कौन सी तीज है।
12 अगस्त को कौन सी तीज है?
12 अगस्त 2025, दिन मंगलवार को कजरी तीज है। चूंकि ये भाद्रपक्ष के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है तो इस साल भाद्रपक्ष के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 11 अगस्त की सुबह 10.33 बजे होगा और ये 12 अगस्त की सुबह 08.40 बजे समाप्त होने वाला है। अब उदया तिथि के अनुसार ही व्रत माना जाता है इसलिए कजरी तीज को 12 अगस्त के दिन मनाया जाएगा।
कजरी तीज 2025
कजरी तीज को कजली तीज, बूढ़ी तीज और सातुड़ी तीज भी कहते हैं। कुछ इलाकों में इसे नीमड़ी तीज भी कहते हैं। ये आमतौर से राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मनाई जाती है। कजरी तीज के दिन सुहागिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस त्योहार के दिन सत्तू से बनी चीजों को एक दूसरे को बांटा जाता है। ये व्रत अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है।
हरतालिका तीज 2025
हरतालिका तीज को कई जगहों पर बड़ी तीज कहते हैं। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है और अगले दिन ही पारण होता है। इस साल हरतालिका तीज 26 अगस्त के दिन है।
कजरी तीज और हरतालिका तीज में क्या अंतर है?
कजरी तीज और हरतालिका तीज, दोनों ही महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार हैं जो महिलाओं द्वारा मनाए जाते हैं, लेकिन वे अलग-अलग महीनों में मनाए जाते हैं और कुछ रीति-रिवाजों में भिन्न होते हैं।कजरी तीज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है, जबकि हरतालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। हरतालिका तीज में निर्जला व्रत रखा जाता है जबकि कजरी तीज में जल का सेवन कर सकते हैं। कजरी तीज में कजरी गीत गाए जाते हैं और व्रत तोड़ने से पहले गाय को रोटियां खिलाई जाती हैं, जबकि हरतालिका तीज में कठोर व्रत का पालन किया जाता है।
