Dhanvantri Stotra Lyrics: धनतेरस के दिन से ही दिपावली की शुरुआत हो जाती है। ये पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। इस साल धनतेरस आज यानि 29 अक्तूबर 2024 को मनाया जा रहा है। धनतेरस पर शाम के समय में भगवान धन्वंतरि की पूजा का विधान है। इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान धन्वंतरि भगवान अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को विज्ञान और चिकित्सक का प्रतीक भी माना जाता है। धनतेरस पर इनकी पूजा करने से धन की प्राप्ति के साथ- साथ अच्छे सेहत की भी प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार धनतेरस पर धन्वंतरी स्तोत्र का पाठ करना बहुत ही उत्तम माना गया है। धन्वंतरी स्तोत्र जाप करने से भगवान धन्वंतरि के साथ- साथ मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। यहां पढ़ें धन्ंवति स्तोत्र लिरिक्स।
Dhanvantri Stotra Lyrics (धन्वंतरी स्तोत्र लिरिक्स)
ॐ शंखं चक्रं जलौकां दधदमृतघटं चारुदोर्भिश्चतुर्मिः।
सूक्ष्मस्वच्छातिहृद्यांशुक परिविलसन्मौलिमंभोजनेत्रम॥
कालाम्भोदोज्ज्वलांगं कटितटविलसच्चारूपीतांबराढ्यम।
वन्दे धन्वंतरिं तं निखिलगदवनप्रौढदावाग्निलीलम॥
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय
त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप
श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥
