Ahoi Ashtami (1 Nov 2026) Star Time Today in Delhi (अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे निकलेंगे): आज 1 नवंबर 2026, रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास करने के बाद शाम को अहोई माता की पूजा और व्रत कथा सुनने की परंपरा है। इसके बाद आसमान में तारे दिखाई देने पर उन्हें अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। ऐसे में दिल्ली में रहने वाली महिलाओं के मन में सवाल है कि आज नई दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली, साउथ दिल्ली, ईस्ट दिल्ली और वेस्ट दिल्ली में तारे कितने बजे दिखाई देंगे?
दिल्ली के सभी क्षेत्रों में तारे दर्शन का समय
दिल्ली में आज अहोई अष्टमी पर तारों को देखने का पंचांग समय शाम करीब 6:00 बजे है। रोहिणी, द्वारका, शाहदरा, जनकपुरी, करोल बाग, साकेत, महरौली, वसंत कुंज, पीतमपुरा और लक्ष्मी नगर समेत दिल्ली के सभी प्रमुख इलाकों में इसी समय के आसपास तारा दर्शन की तैयारी कर सकते हैं।
आज दिल्ली में अहोई अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:36 बजे से 6:54 बजे तक है। वहीं, चंद्रमा का उदय देर रात करीब 11:40 बजे होने का अनुमान है। ऐसे में तारों को देखकर व्रत खोलने वाली महिलाओं के लिए शाम का समय महत्वपूर्ण रहेगा। आइए जानते हैं दिल्ली के सभी प्रमुख इलाकों में तारे कितने बजे दिखाई देंगे और चंद्रमा कब निकलेगा।
दिल्ली में आज अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे निकलेंगे
अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। इस दिन महिलाएं सुबह से व्रत रखती हैं और शाम को अहोई माता की पूजा करती हैं। इसके बाद आसमान में तारे दिखाई देने का इंतजार किया जाता है। दिल्ली के लिए पंचांग में तारों के दर्शन का समय शाम करीब 6:00 बजे दिया गया है। हालांकि, तारे दिखाई देने का कोई एक निश्चित खगोलीय उदय समय नहीं होता। सूर्यास्त के बाद आसमान में अंधेरा बढ़ने के साथ तारे धीरे-धीरे नजर आने लगते हैं। दिल्ली में प्रदूषण, धुंध, बादलों और तेज शहरी रोशनी के कारण कुछ जगहों पर तारों के साफ दर्शन में देर हो सकती है।
दिल्ली के सभी इलाकों में आज तारे कितने बजे दिखेंगे
दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाली महिलाएं अपने इलाके के अनुसार तारा दर्शन का समय जान सकती हैं। नई दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली, साउथ दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के साथ प्रमुख कॉलोनियों में पंचांग के अनुसार शाम करीब 6:00 बजे तारों को देखने की तैयारी रख सकती हैं।
दिल्ली के सभी प्रमुख इलाकों में अहोई अष्टमी 2026 पर तारा दर्शन का अनुमानित समय
- दिल्ली: शाम 6:00 बजे।
- नई दिल्ली: शाम 6:00 बजे।
- नॉर्थ दिल्ली: शाम 6:00 बजे।
- साउथ दिल्ली: शाम 6:00 बजे।
- ईस्ट दिल्ली: शाम 6:00 बजे।
- वेस्ट दिल्ली: शाम 6:00 बजे।
- सेंट्रल दिल्ली: शाम 6:00 बजे।
- शाहदरा: शाम 6:00 बजे।
- रोहिणी: शाम 6:00 बजे।
- द्वारका: शाम 6:00 बजे।
- पीतमपुरा: शाम 6:00 बजे।
- जनकपुरी: शाम 6:00 बजे।
- लक्ष्मी नगर: शाम 6:00 बजे।
- करोल बाग: शाम 6:00 बजे।
- कनॉट प्लेस: शाम 6:00 बजे।
- पंजाबी बाग: शाम 6:00 बजे।
- नजफगढ़: शाम 6:00 बजे।
- विकासपुरी: शाम 6:00 बजे।
- उत्तम नगर: शाम 6:00 बजे।
- सिविल लाइंस: शाम 6:00 बजे।
- मॉडल टाउन: शाम 6:00 बजे।
- बदरपुर: शाम 6:00 बजे।
- महरौली: शाम 6:00 बजे।
- वसंत कुंज: शाम 6:00 बजे।
- साकेत: शाम 6:00 बजे।
- चांदनी चौक: शाम 6:00 बजे।
- दिल्ली कैंट: शाम 6:00 बजे।
- नरेला: शाम 6:00 बजे।
- बुराड़ी: शाम 6:00 बजे।
- मुंडका: शाम 6:00 बजे।
- कालकाजी: शाम 6:00 बजे।
- तिलक नगर: शाम 6:00 बजे।
नोट: दिल्ली के इन इलाकों के लिए अलग-अलग मिनट का तारा-दर्शन मुहूर्त नहीं है। ऊपर दिया गया समय पूरी दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार है। स्थानीय मौसम, प्रदूषण, ऊंची इमारतों और रोशनी के कारण वास्तविक रूप से तारे साफ दिखाई देने का समय कुछ देर आगे हो सकता है।
दिल्ली में अहोई अष्टमी पर चंद्रमा कितने बजे निकलेगा
अहोई अष्टमी पर ज्यादातर महिलाएं तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। हालांकि, कुछ परिवारों में चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलने की परंपरा भी है। ऐसे में चंद्रमा के निकलने का समय जानना जरूरी है। दिल्ली में 1 नवंबर 2026 को चंद्रमा का उदय रात करीब 11:40 बजे होने का अनुमान है। यह समय तारों के दर्शन के समय से काफी देर बाद है। इसलिए जिन परिवारों में चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है, उन्हें देर रात तक इंतजार करना पड़ सकता है।
अहोई अष्टमी 2026 पर दिल्ली में पूजा का शुभ मुहूर्त
दिल्ली में अहोई अष्टमी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:36 बजे से 6:54 बजे तक है। पूजा की अवधि करीब 1 घंटा 18 मिनट रहेगी। इस दौरान महिलाएं अहोई माता की तस्वीर या दीवार पर बनी आकृति के सामने दीपक जलाकर पूजा करती हैं। माता को रोली, अक्षत, फूल और मिठाई अर्पित की जाती है। इसके बाद अहोई अष्टमी की व्रत कथा सुनी जाती है और संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य तथा खुशहाली की प्रार्थना की जाती है। पूजा के बाद तारों को अर्घ्य देने की तैयारी करें। चंद्रमा को देखकर व्रत खोलने वाली महिलाएं अपने परिवार की परंपरा के अनुसार चंद्रोदय का इंतजार कर सकती हैं।
अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य कैसे दें
अहोई माता की पूजा और व्रत कथा पूरी करने के बाद आसमान में तारे दिखाई देने का इंतजार करें। तारे नजर आने पर एक साफ लोटे में जल भरें। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार इसमें थोड़े अक्षत और फूल डाल सकते हैं। इसके बाद खुले आसमान के नीचे जाकर तारों की ओर देखकर जल अर्पित करें। अहोई माता का ध्यान करते हुए अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल भविष्य की कामना करें। कुछ परिवारों में बच्चे के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा भी है। पूजा और अर्घ्य के बाद अपनी परंपरा के अनुसार प्रसाद और भोजन ग्रहण करें।
दिल्ली में तारे साफ दिखाई न दें तो क्या करें
दिल्ली में कई जगहों पर शाम के समय प्रदूषण, धुंध और इमारतों की तेज रोशनी के कारण तारे साफ दिखाई नहीं देते। ऐसी स्थिति में निर्धारित समय पर तारे नजर न आएं तो कुछ देर इंतजार करें। किसी सुरक्षित खुले स्थान से आसमान की ओर देखें। ऊंची इमारतों और पेड़ों की वजह से अगर आसमान का हिस्सा ढका हुआ है, तो ऐसी जगह जाएं जहां खुले आसमान का दृश्य मिल सके। मौसम खराब होने पर छत के किनारे या किसी असुरक्षित जगह पर खड़े होने से बचें।
