Chhath Puja Vrat katha Hindi 2025: छठ माता की कहानी क्या है? यहां पढ़ें छठ माता की कथा

Chhath Puja Vrat katha Hindi (छठ पूजा व्रत कथा ) Chhati Maiya ki kahani (छठी मैया की कहानी) 2025: छठ महापर्व का आज आखिरी दिन है। आज उषा अर्घ्य (उगते हुए सूरज को अर्घ्य) और पूजा के बाद महिलाएं छठ माता की कहानी पढ़ती हैं। यहां से आप छठ व्रत कथा का पाठ कर सकती हैं।

Chhath Puja Vrat katha Hindi (छठ पूजा व्रत कथा): छठ पूजा में छठ माता की कथा का विशेष महत्व होता है। 4 दिनों के महापर्व में हर दिन पूजा के बाद छठ माता की कहानी पढ़ी जाती है। आज भी उषा अर्घ्य के बाद छठ माता की कहानी पढ़ी जाएगी। यहां से आप छठ पूजा की व्रत कथा पढ़ सकते हैं। यहां छठ की 4-5 पौराणिक कहानियां बताई गई हैं।

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छठ माता की कहानी (pic credit: canva)

प्रियंवद और मालिनी की कहानी

पुराणों के अनुसार, राजा प्रियंवद नामक राजा हुआ करते थे जिनकी कोई संतान नहीं थी। तब महर्षि कश्यप ने पुत्र प्राप्ति के लिए राजा के यहां यज्ञ का आयोजन किया। महर्षि ने यज्ञ आहुति के लिए बनाई गई गई खीर को प्रियंवद की पत्नी मालिनी को खाने के लिए कहा। खीर के प्रभाव से रजा और रानी को पुत्र तो हुआ किन्तु वह मृत था। प्रियंवद पुत्र को लेकर श्मशान गए और पुत्र वियोग में प्राण त्यागने लगे। उसी समय भगवान की मानस पुत्री देवसेना प्रकट हुईं। उन्होंने राजा से कहा कि सृष्टि की मूल प्रवृत्ति के छठे अंश से उत्पन्न होने के कारण मैं षष्ठी कहलाती हूं। माता ने राजा को अपने पूजन का आदेश दिया और दूसरों को भी यह पूजन करने के लिए प्रेरित करने को कहा। राजा ने पुत्र इच्छा से देवी षष्ठी का व्रत किया और उन्हें शीघ्र ही पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। जिस दिन राजा ने यह व्रत किया था उस दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि थी। तभी से छठी मैय्या के पूजे जाने की परंपरा आरंभ हुई।

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