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Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: नवरात्रि की आरती हिंदी लिरिक्स, जानें आज कब करनी है माता रानी की आरती

VineetUpdated Mar 19, 2026, 18:37 IST

Chandra Navratri 2026 Jai Ambe Gauri Maiy jai Shayam Gauri Aarti Lyrics, Likhit Mein Mata Rani Ki, चंद्र नवरात्रि 2026 जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती लिखित में लाइव अपडेट: नवरात्रि व्रत में पूजा के दौरान कई बार लोगों को समझ नहीं आता कि कौन-सी आरती करना सही रहेगा। ऐसे में यहां आपको 'जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी' आरती के बोल मिलेंगे और 'अम्बे तू है जगदम्बे काली' के पूरे लिरिक्स भी, जिससे आप अपनी पूजा को पूरी श्रद्धा और सही तरीके से कर सकें।

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: नवरात्रि की आरती हिंदी लिरिक्स, जानें आज कब करनी है माता रानी की आरती
Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: नवरात्रि की आरती हिंदी लिरिक्स, जानें आज कब करनी है माता रानी की आरती

Chandra Navratri 2026 Jai Ambe Gauri Maiy jai Shayam Gauri Aarti Lyrics, Likhit Mein Mata Rani Ki Live Updates in Hindi: चैत्र नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। इन नौ दिनों में विधि-विधान से पूजा करने के साथ-साथ आरती का भी विशेष महत्व माना जाता है। बिना आरती के पूजा अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि जब भक्त सच्चे मन से माता रानी की आरती गाते हैं, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, सुख-शांति का वास होता है और जीवन के कष्ट धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। साथ ही मां दुर्गा अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी कर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

हालांकि, बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता कि पूजा के समय कौन-सी आरती पढ़नी चाहिए। ऐसे में यहां आप पढ़ सकते हैं 'जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी' की आरती और नोट कर सकते हैं 'अम्बे तू है जगदम्बे काली' के पूरे लिरिक्स, ताकि आपकी पूजा पूरी श्रद्धा और सही विधि से संपन्न हो सके।

MAR 19, 2026 18:37 IST

नवरात्रि में नहीं करने चाहिए ये काम

नवरात्रि में तामसिक भोजन करना, बाल और नाखून काटना, दाढ़ी बनवाना वर्जित माना जाता है। इस दौरान चमड़े की वस्तुओं का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही अखंड ज्योति को अकेले नहीं छोड़ना चाहिए?
MAR 19, 2026 17:43 IST

दूसरे दिन माता के किस स्वरूप का होगा पूजन

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन माता के ब्रह्माचारिणी रूप का पूजन किया जाएगा। मां का स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और तेजोमय है। माता का यह रूप तपस्या, त्याग और संयम का प्रतीक माना गया है। मां ने सफेद वस्त्र धारण किए हुए हैं। उनके हाथों में जपमाला और कमंडल है। जो ज्ञान और सादगी को दर्शाता है। मां का यह स्वरूप दृढ़ता, धैर्य, वैराग्य का अर्थ समझाता है।
MAR 19, 2026 17:25 IST

नवरात्रि पर करें मां विंध्येश्वरी चालीसा का पाठ

॥ दोहा ॥
नमो नमो विन्ध्येश्वरी,
नमो नमो जगदम्ब।
सन्तजनों के काज में,
करती नहीं विलम्ब॥

जय जय जय विन्ध्याचल रानी।
आदिशक्ति जगविदित भवानी॥

सिंहवाहिनी जै जगमाता।
जै जै जै त्रिभुवन सुखदाता॥

कष्ट निवारण जै जगदेवी।
जै जै सन्त असुर सुर सेवी॥

महिमा अमित अपार तुम्हारी।
शेष सहस मुख वर्णत हारी॥

दीनन को दुःख हरत भवानी।
नहिं देखो तुम सम कोउ दानी॥

सब कर मनसा पुरवत माता।
महिमा अमित जगत विख्याता॥

जो जन ध्यान तुम्हारो लावै।
सो तुरतहि वांछित फल पावै॥

तुम्हीं वैष्णवी तुम्हीं रुद्रानी।
तुम्हीं शारदा अरु ब्रह्मानी॥

रमा राधिका श्यामा काली।
तुम्हीं मातु सन्तन प्रतिपाली॥

उमा माध्वी चण्डी ज्वाला।
वेगि मोहि पर होहु दयाला॥ 10

तुम्हीं हिंगलाज महारानी।
तुम्हीं शीतला अरु विज्ञानी॥

दुर्गा दुर्ग विनाशिनी माता।
तुम्हीं लक्ष्मी जग सुख दाता॥

तुम्हीं जाह्नवी अरु रुद्रानी।
हे मावती अम्ब निर्वानी॥

अष्टभुजी वाराहिनि देवा।
करत विष्णु शिव जाकर सेवा॥

चौंसट्ठी देवी कल्यानी।
गौरि मंगला सब गुनखानी॥

पाटन मुम्बादन्त कुमारी।
भाद्रिकालि सुनि विनय हमारी॥

बज्रधारिणी शोक नाशिनी।
आयु रक्षिनी विन्ध्यवासिनी॥

जया और विजया वैताली।
मातु सुगन्धा अरु विकराली॥

नाम अनन्त तुम्हारि भवानी।
वरनै किमि मानुष अज्ञानी॥

जापर कृपा मातु तब होई।
जो वह करै चाहे मन जोई॥ 20

कृपा करहु मोपर महारानी।
सिद्ध करहु अम्बे मम बानी॥

जो नर धरै मातु कर ध्याना।
ताकर सदा होय कल्याना॥

विपति ताहि सपनेहु नाहिं आवै।
जो देवीकर जाप करावै॥

जो नर कहँ ऋण होय अपारा।
सो नर पाठ करै शत बारा॥

निश्चय ऋण मोचन होई जाई।
जो नर पाठ करै चित लाई॥

अस्तुति जो नर पढ़े पढ़ावै।
या जग में सो बहु सुख पावै॥

जाको व्याधि सतावे भाई।
जाप करत सब दूर पराई॥

जो नर अति बन्दी महँ होई।
बार हजार पाठ करि सोई॥

निश्चय बन्दी ते छुट जाई।
सत्य वचन मम मानहु भाई॥

जापर जो कछु संकट होई।
निश्चय देविहिं सुमिरै सोई॥ 30

जा कहँ पुत्र होय नहिं भाई।
सो नर या विधि करे उपाई॥

पाँच वर्ष जो पाठ करावै।
नौरातन महँ विप्र जिमावै॥

निश्चय होहिं प्रसन्न भवानी।
पुत्र देहिं ता कहँ गुणखानी॥

ध्वजा नारियल आन चढ़ावै।
विधि समेत पूजन करवावै॥

नित प्रति पाठ करै मन लाई।
प्रेम सहित नहिं आन उपाई॥

यह श्री विन्ध्याचल चालीसा।
रंक पढ़त होवे अवनीसा॥

यह जन अचरज मानहु भाई।
कृपा दृष्टि जापर होइ जाई॥

जै जै जै जग मातु भवानी।
कृपा करहु मोहि निज जन जानी॥
MAR 19, 2026 16:38 IST

नवरात्रि में करें माता दुर्गा के इन 5 मंत्रों के जाप

नवरात्रि में आप माता दुर्गा के इन 5 मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इससे जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं।

1- सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

2- ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः।।

3- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।।

4- या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

5- रोगानशेषानपहंसि तुष्टा।
रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान।।
MAR 19, 2026 16:04 IST

देवी माता को अर्पित न करें ये सामान

देवी माता को धतूरा, मदार, कनेर, केतकी और नागकेसर के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। इसके साथ ही तुलसी के पत्ते व दूर्वा घास का भी उपयोग माता के पूजन में नहीं किया जाता है। माता को खंडित चावल और सूखा नारियल भी नहीं अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि इन चीजों को माता स्वीकार नहीं करती हैं।
MAR 19, 2026 15:44 IST

Chaitra Navratri 2026 LIVE Updates: नौ दिनों में कर लें माता दुर्गा के इन 32 नामों का जप

माता दुर्गा के 32 नामों को बेहद ही शक्तिशाली माना जाता है। मान्यता है कि इन नामों का जप करने से हर प्रकार की विपत्ति दूर हो जाती है। इस कारण पूरे नवरात्रि भर आप इन नामों को जाप कर सकते हैं।

ॐ दुर्गा

दुर्गतिशमनी

दुर्गाद्विनिवारिणी

दुर्गमच्छेदनी

दुर्गसाधिनी

दुर्गनाशिनी

दुर्गतोद्धारिणी

दुर्गनिहन्त्री

दुर्गमापहा

दुर्गमज्ञानदा

दुर्गदैत्यलोकदवानला

दुर्गमा

दुर्गमालोका

दुर्गमात्मस्वरुपिणी

दुर्गमार्गप्रदा

दुर्गम विद्या

दुर्गमाश्रिता

दुर्गमज्ञान संस्थाना

दुर्गमध्यान भासिनी

दुर्गमोहा

दुर्गमगा

दुर्गमार्थस्वरुपिणी

दुर्गमासुर संहंत्रि

दुर्गमायुध धारिणी

दुर्गमांगी

दुर्गमता

दुर्गम्या

दुर्गमेश्वरी

दुर्गभीमा

दुर्गभामा

दुर्गमो

दुर्गोद्धारिणी
MAR 19, 2026 15:15 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: durga chalisa lyrics

दुर्गा चालीसा

॥ दोहा ॥
नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥

निरंकार है ज्योति तुम्हारी।
तिहूं लोक फैली उजियारी॥

॥ चौपाई ॥

शशि ललाट मुख महाविशाला।
नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥

रूप मातु को अधिक सुहावे।
दरश करत जन अति सुख पावे॥

तुम संसार शक्ति लय कीना।
पालन हेतु अन्न धन दीना॥

अन्नपूर्णा हुई जग पाला।
तुम ही आदि सुंदरी बाला॥

प्रलय काल सब नाशन हारी।
तुम गौरी शिव शंकर प्यारी॥

शिव योगी तुमरे गुण गावें।
ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥

रूप सरस्वती को तुम धारा।
दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥

धरयो रूप नरसिंह को अम्बा।
प्रकट भई फाड़ कर खम्बा॥

रक्षा करि प्रह्लाद बचायो।
हिरण्यकश्यप को स्वर्ग पठायो॥

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं।
श्री नारायण अंग समाहीं॥

क्षीर सिंधु में करत विलासा।
दया सिंधु दीजै मन आसा॥

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी।
महिमा अमित न जात बखानी॥

मातंगी अरु धूमावति माता।
भुवनेश्वरी बगला सुखदाता॥

श्री भैरव तारा जग तारिणी।
छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥

केहरि वाहन सोह भवानी।
लांगुर वीर चलत अगवानी॥

कर में खप्पर खड्ग विराजे।
जाको देख काल डर भाजे॥

सोहै अस्त्र और त्रिशूला।
जाते उठत शत्रु हिय शूला॥

नगरकोट में तुम्हीं विराजत।
तिहुं लोक में डंका बाजत॥

शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे।
रक्तबीज शंखन संहारे॥

महिषासुर नृप अति अभिमानी।
जेहि अघ भार मही अकुलानी॥

रूप कराल कालिका धारा।
सेन सहित तुम तिहि संहारा॥

परी गाढ़ संतन्ह पर जब जब।
भई सहाय मातु तुम तब तब॥

अमरपुरी अरु बसव लोकां।
तब महिमा सब रहें अशोका॥

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी।
तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥

प्रेम भक्ति से जो कोई गावै।
दुःख दारिद्र निकट नहिं आवै॥

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई।
जन्म मरण ताकौ छुटि जाई॥

जोगी सुर मुनि कहत पुकारी।
योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥

शंकर आचारज तप कीनो।
काम क्रोध जीत सब लीन्हो॥

निशिदिन ध्यान धरो शंकर को।
काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥

शक्ति रूप का मरम न पायो।
शक्ति गई तब मन पछतायो॥

शरणागत हुई कीर्ति बखानी।
जय जय जय जगदम्ब भवानी॥

भई प्रसन्न आदि जगदम्बा।
दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥

मोको मातु कष्ट अति घेरो।
तुम बिन कौन हरे दुःख मेरो॥

आशा तृष्णा निपट सतावें।
रिपु मुरख मोह नित धावें॥

शत्रु नाश कीजै महारानी।
सुमिरौं एकचित तुम्हें भवानी॥

करो कृपा हे मातु दयाला।
ऋद्धि-सिद्धि दे करहु निहाला॥

जब लगि जिऊं दया फल पाऊं।
तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं॥

दुर्गा चालीसा जो कोई गावै।
सब सुख भोग परम पद पावै॥

॥ दोहा ॥
देवी दास शरण निज जानी।
करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥
MAR 19, 2026 15:00 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: maa durga chalisa


यह 40 चौपाइयों का स्तोत्र है जिसमें माता की महिमा बताई गई है। यह दुर्गा माता की भक्ति में पढ़ा जाने वाला प्रसिद्ध पाठ है।
MAR 19, 2026 14:45 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: ganesh ji ki aarti lyrics

गणेश जी की आरती के लिरिक्स आमतौर पर “जय गणेश देवा” से शुरू होते हैं। किसी भी पूजा की शुरुआत भगवान गणेश से की जाती है, इसलिए नवरात्रि में भी लोग पहले गणेश आरती करते हैं। इससे पूजा में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और कार्य सफल होता है।
MAR 19, 2026 14:30 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates:navratri ki katha

नवरात्रि की कथा एक धार्मिक कहानी होती है जिसमें मां दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए युद्ध का वर्णन मिलता है। यह कथा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। व्रत रखने वाले लोग इस कथा को पढ़ते या सुनते हैं ताकि उन्हें पूजा का महत्व समझ में आए और उनकी श्रद्धा और मजबूत हो।
MAR 19, 2026 14:15 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: maa shailputri mantra


पहले दिन “ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः” मंत्र का जाप किया जाता है। यह मंत्र शांति, शक्ति और नई शुरुआत का प्रतीक है। इसे 108 बार जपना विशेष फलदायक माना जाता है।
MAR 19, 2026 13:56 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: jai ambe gauri aarti lyrics

यह माता दुर्गा की सबसे प्रसिद्ध आरती है। इसमें माता के सौंदर्य, शक्ति और कृपा का वर्णन बहुत सरल और मधुर भाषा में किया गया है। यह आरती लगभग हर मंदिर और घर में नवरात्रि के दौरान गाई जाती है।
MAR 19, 2026 13:22 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: माता की आरती

माता की आरती एक भक्ति गीत होता है जिसे पूजा के अंत में गाया जाता है। इसमें मां दुर्गा या देवी के किसी भी रूप की महिमा, शक्ति और करुणा का वर्णन होता है। आरती करते समय दीपक जलाकर उसे गोल-गोल घुमाया जाता है और घंटी बजाई जाती है। यह प्रक्रिया पूजा को पूर्ण बनाती है और माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और मन को शांति मिलती है।
MAR 19, 2026 13:17 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: navratri ka pehla din


यह दिन मां शैलपुत्री को समर्पित होता है और यहीं से व्रत और पूजा की शुरुआत होती है।
MAR 19, 2026 13:17 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: maa shailputri mantra


“ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः” इस दिन का मुख्य मंत्र होता है।
MAR 19, 2026 13:21 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: नवरात्रि में कौन सी आरती जरूर करनी चाहिए

नवरात्रि में रोजाना माता की आरती करना शुभ माना जाता है। खासतौर पर सुबह और शाम “जय अम्बे गौरी” की आरती करने से पूजा का फल बढ़ता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
MAR 19, 2026 12:57 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: Mata Ki Aarti Lyrics Hindi Mein Kahan Milegi

माता की आरती के लिरिक्स आपको धार्मिक किताबों, मंदिरों में मिलने वाली पुस्तिकाओं या इंटरनेट पर आसानी से मिल जाते हैं। कोशिश करें कि सही और शुद्ध शब्दों वाले लिरिक्स पढ़ें, ताकि पूजा में कोई गलती न हो।
MAR 19, 2026 12:55 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: Navratri Mata Ki Aarti Kaun Si Hoti Hai

नवरात्रि में माता की पूजा के दौरान सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली आरती 'जय अम्बे गौरी' और 'अम्बे तू है जगदम्बे काली' होती है। ये दोनों आरतियां माता दुर्गा के अलग-अलग रूपों की स्तुति करती हैं और पूजा को पूर्ण बनाती हैं।
MAR 19, 2026 12:36 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: shailputri mata ki aarti

शैलपुत्री माता की आरती

शैलपुत्री माता की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥

वृषभ पर सवार हो माता,
हाथ में त्रिशूल सुहावे।
मस्तक पर चंद्र विराजे,
तीनों लोक झुक जावे॥

नाभि कमल से निकली गंगा,
शीतलता बरसावे।
भक्तों के दुख हरने वाली,
सुख-समृद्धि दे जावे॥

सदा करे जो ध्यान तुम्हारा,
भवसागर तर जावे।
दुख-दरिद्र सब दूर करों,
जीवन में खुशियां लावे॥

शैलपुत्री माता की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
MAR 19, 2026 12:34 IST

Chandra Navratri 2026, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती LIVE Updates: pahle navratri ki aarti

जय अम्बे गौरी मैया आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्ज्वल से दोऊ नैना, चंद्रवदन नीको॥

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै॥

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।
सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी॥

कानन कुंडल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥

शुंभ-निशुंभ विदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती॥

चंड-मुंड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु-कैटभ दोऊ मारे, सुर भयहीन करे॥

ब्रह्माणी रुद्राणी, तुम कमला रानी।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥

चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरों।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरू॥

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दुख हर्ता, सुख संपत्ति करता॥

भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्पर धारी।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी॥

कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्री मालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥

श्री अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावै।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख संपत्ति पावै॥