Mata Durga Ka Palki Par Aagman Kya Sanket Deta Hai : चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च 2026, गुरुवार से शुरू हो रहा है और 27 मार्च को इसका समापन होगा। श्री कालका पीठ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत सुरेंद नाथ अवधूत जी महाराज के अनुसार 19 मार्च को गुरुवार का दिन है और जब नवरात्रि गुरुवार से शुरू होती है तो माता का वाहन पालकी माना जाता है। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के आरंभ और अंत के दिन पर ही माता के आगमन और प्रस्थान के वाहन का निर्णय होता है। माता का आगमन और प्रस्थान के वाहन से देश-दुनिया में भविष्य में घटने वाली घटनाओं का अंदाजा लगाया जाता है। आइए जानते हैं उनके अनुसार इस बार मां के आगमन और प्रस्थान के वाहन से क्या संकेत मिल रहे हैं।
पालकी पर मां दुर्गा के आगमन का क्या है संकेत
पालकी पर आ रही हैं जगतजननी
महंत सुरेंद नाथ अवधूत के अनुसार, इस बार नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार से हो रही है। शास्त्रों के अनुसार जब नवरात्रि गुरुवार या शुक्रवार से शुरू होती है, तो मां दुर्गा पालकी यानी डोली पर सवार होकर आती हैं। इसका मतलब है कि इस बार मां का आगमन पालकी पर होगा। उन्होंने बताया कि पालकी पर मां का आना सामान्य रूप से बहुत ज्यादा शुभ संकेत नहीं माना जाता है, लेकिन इसे पूरी तरह अशुभ भी नहीं कहा जा सकता है। यह एक तरह का संकेत होता है कि आने वाले समय में समाज में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।
श्री कालका पीठ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत सुरेंद नाथ अवधूत जी महाराज
क्या पालकी पर मां आगमन शुभ है या अशुभ (Palki Par Mata Ka Aagman Shubh Ya Ashubh)
महंत सुरेंद नाथ अवधूत के अनुसार पालकी पर मां का आगमन मिश्रित परिणाम देने वाला माना जाता है। इसका अर्थ यह होता है कि समाज में हलचल, अस्थिरता या कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। यह समय लोगों को सावधान रहने और संयम अपनाने का संकेत देता है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्रि का मुख्य उद्देश्य डर पैदा करना नहीं है, बल्कि शक्ति की उपासना करना है। अगर भक्त सच्चे मन से मां की पूजा करें, तो हर तरह की नकारात्मकता को दूर किया जा सकता है।
कैसे तय होता है मां का वाहन (Kaise Tay Hota Hai Mata Ka Vahan)
महंत सुरेंद नाथ अवधूत ने बताया कि मां दुर्गा का वाहन किसी एक तय नियम से नहीं होता, बल्कि यह नवरात्रि के पहले दिन के वार पर निर्भर करता है। जिस दिन नवरात्रि शुरू होती है, उसी दिन के अनुसार मां का वाहन निर्धारित होता है। जैसे रविवार और सोमवार के अनुसार अलग वाहन, मंगलवार और शनिवार के अनुसार अलग और गुरुवार या शुक्रवार को शुरुआत होने पर मां पालकी पर आती हैं इसी कारण हर साल मां की सवारी बदलती रहती है और उसके अनुसार अलग-अलग संकेत मिलते हैं।
किस वाहन पर प्रस्थान करेंगी मां (Mata Ki Vidai Vahan Kya Hoga)
महंत सुरेंद नाथ अवधूत ने बताया कि इस बार नवरात्रि का समापन 27 मार्च 2026, शुक्रवार को होगा। वार के अनुसार इस दिन मां का प्रस्थान हाथी पर माना जा रहा है। हाथी पर मां का जाना बेहद शुभ संकेत माना जाता है। इसका अर्थ होता है कि अंत में सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और समाज में शांति बनी रहेगी। यह संकेत देता है कि शुरुआत में भले ही कुछ उतार-चढ़ाव हों, लेकिन अंत सकारात्मक रहेगा।
क्या संकेत देता है यह पूरा योग (Is Yog Ka Kya Arth Hai)
महंत सुरेंद नाथ अवधूत के अनुसार इस बार का संयोग मिला-जुला परिणाम देने वाला है। पालकी पर माता का आगमन यह दर्शाता है कि शुरुआत में कुछ अस्थिरता या चुनौतियां हो सकती हैं, लेकिन हाथी पर प्रस्थान यह संकेत देता है कि अंत में सब कुछ बेहतर होगा और खुशहाली आएगी।
उन्होंने बताया कि नवरात्रि का समय शक्ति की उपासना का है। इस दौरान अगर व्यक्ति सच्चे मन से पूजा करे, संयम रखे और सकारात्मक सोच बनाए रखे, तो किसी भी अशुभ संकेत को शुभ में बदला जा सकता है। महंत सुरेंद नाथ अवधूत के अनुसार मां को सबसे ज्यादा प्रिय सरलता, सच्चा भाव और शरणागति है। अगर भक्त इन बातों का पालन करे, तो मां उसकी हर मनोकामना पूरी करती हैं।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी महंत सुरेंद नाथ अवधूत द्वारा दी गई जानकारियों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
