Navratri 2024 Bhajan: नवरात्रि के दौरान माता के भक्त माता दुर्गा की उपासना की जाती है। चैत्र नवरात्रि हर साल चैत्र महीने की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 9 अप्रैल को हो रही है। वहीं इसका समापन 17 अप्रैल को होगा। नवरात्रि के समय में माता रानी धरती लोक पर आती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इस दौरान पूरा देश माता की भक्ति में डूबा रहता है। हर जगह माता रानी के प्यारे- प्यारे भजन सुनने को मिलते हैं। इस नवरात्रि पर सुनने के लिए हम यहां कुछ भजनों के लिरिक्स लेकर आए हैं। जिन्हें आप नवरात्रों में कीर्तन के समय गा सकते हैं।
माता रानी के भजन
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है लिरिक्स
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने दरबार लगाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
सारे जग मे एक ठिकाना, सारे गम के मारो का,
रास्ता देख रही है माता, अपने आंख के तारों का।
मस्त हवाओं का एक झोखा यह संदेशा लाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
जय माता दी॥ जय माता दी॥
जय माता की कहते जाओ, आने जाने वालो को,
चलते जाओ तुम मत देखो अपने पीछे वालों को।
जिस ने जितना दर्द सहा है, उतना चैन भी पाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
जय माता दी॥ जय माता दी॥
वैष्णो देवी के मन्दिर मे, लोग मुरादे पाते हैं,
रोते रोते आते है, हस्ते हस्ते जाते हैं।
मैं भी मांग के देखूं, जिस ने जो माँगा वो पाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
जय माता दी॥ जय माता दी॥
मैं तो भी एक माँ हूँ माता, माँ ही माँ को पहचाने।
बेटे का दुःख क्या होता है, और कोई यह क्या जाने।
उस का खून मे देखूं कैसे, जिसको दूध पिलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है।
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे लिरिक्स
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे,हो रही जय जय कार मंदिर विच,
आरती जय माँ,
हे दरबारा वाली आरती जय माँ,
है पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
काहे दी मैया तेरी आरती बनावा,
काहे दी पावां विच बाती,
मंदिर विच आरती जय माँ,
तू हे चोलेयाँ वाली आरती जय माँ,
हे माँ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
सर्व सोने दी आरती बनावा,
अगर कपूर पावां बाती,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे माँ पिंडी रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
कौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया,
कौन जागेगा सारी रात,
मंदिर विच आरती जय माँ,
सच्चिया ज्योतां वाली आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
सर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी अम्बे,
ज्योत जागेगी सारी रात,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे माँ त्रिकुटा रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
जुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा,
जिस तेरा भवन बनाया,
मंदिर विच आरती जय माँ,
हे मेरी अम्बे रानी आरती जय माँ,
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
सिमर चरण तेरा ध्यानु यश गावे,
जो ध्यावे सो, यो फल पावे,
रख बाणे दी लाज,
मंदिर विच आरती जय माँ,
सोहने मंदिरां वाली आरती जय माँ ||
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे,
हो रही जय जय कार मंदिर विच,
आरती जय माँ,
हे दरबारा वाली आरती जय माँ,
है पहाड़ा वाली आरती जय माँ ||
