Chaitra Navratri First Day: नवरात्रि के पहले दिन करें मां शैलपुत्री की पूजा, जानें पूजन मंत्र, विधि, रंग और भोग

चैत्र नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री का ध्यान मंत्र, पूजा विधि, आरती, रंग और भोग: नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री के पूजन का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि मां शैलपुत्री की पूजा करने से मन शांत होता है और जीवन में स्थिरता आती है। आगे पढ़ें मां शैलपुत्री की पूजा के मंत्र, विधि और भोग से जुड़ी संपूर्ण जानकारी।

Chaitra Navratri First Day: चैत्र नवरात्रि का पहला दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री को समर्पित होता है। शैल का अर्थ होता है - पर्वत। इसलिए मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री भी कहा जाता है। यह माता का वह स्वरूप हैं, जिसका विवाह का भगवान शंकर से पार्वती नाम से हुआ था। माता अपने पिछले जन्म में सती के रूप में भगवान शिव की अर्धांगिनी थीं। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा से जीवन में स्थिरता, शक्ति और आत्मविश्वास का संचार होता है। यह दिन आध्यात्मिक साधना की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यदि आप मां शैलपुत्री के पूजन की विधि, मंत्र और भोग से जुड़ी जानकारी लेना चाहते हैं, तो पढ़ें पूरा लेख।

Chaitra Navratri Frist Day

चैत्र नवरात्र 2026 डे 1

मां शैलपुत्री का ध्यान मंत्र क्या है

मां शैलपुत्री की पूजा करते समय लेख में नीचे बताए गए ध्यान मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से माता का असीम कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की सभी मंगल कामना पूर्ण होती हैं।

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