Chaitra Amavasya 2023 Importance and Pitra Dosh Upay: पंचांग के अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की 15वीं तिथि को अमावस्या पड़ती है। लेकिन सभी अमावस्या में चैत्र महीने में पड़ने वाली अमावस्या का खास महत्व होता है। इसे भूतड़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। चैत्र अमावस्या पर स्नान, दान, पूजा, पाठ के साथ ही तंत्र-मंत्र की साधना के लिए फलदायी होता है। इस साल चैत्र अमावस्या 21 मार्च 2023 को पड़ेगी। मान्यता है कि चैत्र अमावस्या के दिन कुछ विशेष उपायों को करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। जानते हैं चैत्र अमावस्या के महत्व और उपायों के बारे में।
चैत्र अमावस्या के उपाय (Chaitra Amavasya 2023 Upay)
- चैत्र अमावस्या के दिन जल में तिल मिलाकर पितरों के नाम का तर्पण करें। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और साथ ही इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।
- चैत्र अमावस्या पर गरीब और जरूरतमंदों को भोजन कराएं और अपनी शक्ति के अनुसार दान करें। इससे भी पितृ दोष कम होता है और पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।
- चैत्र अमावस्या के दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए पीपल के पेड़ में जल चढ़ाकर घी का दीप जरूर जलाएं। इससे कष्टों से भी छुटकारा मिलता है।
- यदि आप चैत्र अमावस्या के दिन गाय को घी और गुड़ मिला हुआ रोटी खिलाते हैं तो इससे भी मृत पितरों के आत्मा को शांति मिलती है। पितृ का नाम लेते हुए गाय को रोटी खिलाने से पितृ दोष दूर होता है।
- पितृ दोष से मुक्ति का एक सरल उपाय यह भी है कि पितरों का नाम लेकर सीधा या भोजन किसी ब्राह्मण को दान करें।
चैत्र अमावस्या 2023 महत्व (Chaitra Amavasya 2023 Importance)
चैत्र अमावस्या के दिन को हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र माना गया है। इसलिए इस दिन किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने का महत्व है। स्नान के बाद अपने सामर्थ्यनुसार दान जरूर करें। साथ ही पितरों के निमित्त पिंडदान या तर्पण भी किया जाता है। चैत्र अमावस्या पर किए गए स्नान, दान और पूजा पाठ से जहां पितृ दोष दूर होते हैं और शुभ फलों की प्राप्ति होती है वहीं शनि की पीड़ा से भी मुक्ति मिलती है।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
