Chaiti Chhath 2025 Puja Vidhi, Muhurat, Arghya Time: 1 अप्रैल से चैती छठ महापर्व शुरू हो गया है। ये पर्व पूरे 4 दिनों तक चलता है। इस पर्व का पहला दिन नहाय खाय, दूसरा दिन खरना, तीसरा दिन संध्या अर्घ्य और चौथा दिन उषा अर्घ्य के नाम से जाना जाता है। छठ पर्व के पहले दिन व्रती चूल्हे पर आम की लकड़ी से अरवा चावल का भात, कद्दू की सब्जी व चना की दाल बनाते हैं। दूसरे दिन संध्या में खरना होता है। इस दिन व्रती दिन भर निर्जला व्रत रहते हैं। फिर शाम में स्नान-ध्यान कर दूध-चावल की खीर बनाई जाती है। फिर इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद से 36 घंटों का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है। छठ पर्व के तीसरे दिन व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पर्व का समापन हो जाता है। चलिए आपको बताते हैं छठ पूजा की विधि क्या है।
Chaiti Chhath Puja Vidhi
चैती छठ पूजा विधि (Chaiti Chhath Puja Vidhi)
1 अप्रैल 2025, नहाय खाय- छठ पर्व का पहला दिन नहाय खाय का होता है इस दिन व्रती सात्विक भोजन करते हैं जैसे कद्दू की सब्जी और चावल।
2 अप्रैल 2025, खरना पूजा- छठ पर्व का दूसरा दिन खरना का होता है। इस दिन व्रती शाम को गुड़ और चावल की खीर का प्रसाद बनाकर छठी मैया को भोग लगाते हैं और फिर इस प्रसाद का सेवन करने के बाद अपना 36 घंटों का निर्जला व्रत शुरू कर देते हैं।
3 अप्रैल 2025, संध्या अर्घ्य टाइम- छठ पर्व का तीसरा दिन संध्या अर्घ्य का होता है। इस दिन व्रती नदी या तालाब के किनारे जातक डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
4 अप्रैल 2025, उषा अर्घ्य टाइम- छठ पर्व का चौथा दिन उषा अर्घ्य का होता है इस दिन व्रती नदी या तालाब के किनारे जाकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा करते हैं।
चैती छठ सूर्य अर्घ्य समय 2025 (Chaiti Chhath 2025 Surya Arghya Time)
संध्या अर्घ्य, 3 अप्रैल 2025- 06:40 PM
उषा अर्घ्य, 4 अप्रैल 2025- 06:08 AM
छठ पूजा का महत्व (Chhath Puja Ka Mahatva)
कहते हैं छठ व्रत रखने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। ये व्रत मुख्य रूप से संतान की सुखी जीवन के लिए रखा जाता है। चैती छठ पर्व विशेष रूप से बिहार में मनाया जाता है।
