Budhwar Ke Upay: ज्योतिष शास्त्रों में हर एक दिन के लिए कुछ ना कुछ नियम बताये गए हैं। बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा का विधान है। इस दिन विधि- विधान से गणेश जी की पूजा करने से साधक को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। शास्त्रों में बुधवार के दिन के लिए कुछ उपायों के बारे में बताया गया है। बुधवार के दिन इन उपायों को करने से साधक को अनेक लाभ मिलते हैं । बुधवार के दिन इन नियमों का पालन करने से जातक के कुंडली में जो भी दोष होते हैं वो समाप्त हो जाते हैं। आइए जानते हैं बुधवार के दिन किन उपायों को कर सकते हैं।
budhwar ke upay
बुधवार के दिन करें ये उपाय
श्री कृष्ण पूजा श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा।श्री कृष्ण परम ब्रम्ह हैं।परमात्मा हैं। श्री हरि हैं। पूरे जगत के पालनहार हैं। कष्टों को नष्ट कर दैहिक, दैविक व भौतिक संतापों को समाप्त करने वाले हैं। प्रेम की पराकाष्ठा हैं कृष्ण। गोविंद गीता का महान उपदेश देते हैं। प्रेम भी करते हैं व न्याय की स्थापना के लिए भक्त अर्जुन को विजय भी दिलवाते हैं व उनको अपना विराट स्वरूप भी दिखाते हैं। ऐसे हमारे प्रभु कृष्ण हैं। यह मंत्र गीतात्मक है।अपने अंदर भगवान कृष्ण का स्वरूप ध्यान करें व सुमधुर संगीत के साथ इसको गायें।इसका जप भी कर सकते हैं।मानसिक जप भी कर सकते हैं। कृष्ण गोपाल हैं। राधावल्लभ हैं। सत चित व आनन्द है। सानन्द की पराकाष्ठा हैं। उनके प्रेम में गीत ख़ुद बन जाते हैं। राग अनुराग हो जाते हैं। प्रेम, गीत व नृत्य भगवान गोविंद को प्रिय है।सबसे सहज है। कलयुग में भगवान को प्राप्त करने का इससे सरल और कोई मार्ग नहीं है। कलयुग सिर्फ हरि नाम का जप व संकीर्तन का है। ।समूह में या परिवार संग सुंदर संकीर्तन करिए ।
भैरो उपासन-तंत्र में भैरो उपासना का बहुत महत्व है।भैरो भगवान शिव के बहुत प्रिय शिष्य हैं।भैरो पूजा से समस्त कष्ट दूर होते हैं।यदि कोई जातक राहु व केतु से पीड़ित है तो उसके लिए भैरो उपासना बहुत कार्य करती है।बटुक भैरव स्तोत्र का पाठ बुधवार को करना चाहिए।
बुधवार को गाय को पालक खिलाएं।मूंग की दाल का दान करें।गोशाला में गायों को रोटी व गुड़ खिलाएं।बुधवार को कपूर लेकर उसको किसी काली माता के मंदिर में जलाकर नारियल व लौंग अर्पित करने से समस्त कष्टों से मुक्ति मिलती है।
