Budh Pradosh Vrat Katha 2024 In Hindi : बुध प्रदोष व्रत के दिन करें इस कथा का पाठ, मिटेंगे सारे कष्ट

Budh Pradosh Vrat Katha: प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान शंकर की पूजा प्रदोष काल में ही होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन का व्रत करने से साधक को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। आइए यहां देखते हैं इस व्रत की कथा।

Budh Pradosh Vrat Katha (बु्द्ध प्रदोष व्रत कथा): हर माह की त्रयोदशी तिथि को भगवान महादेव को समर्पित प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत के दिन लोग दिन भर उपवास रखते हैं और शाम को विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करते हैं। फिर वे चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत तोड़ते हैं। इस बार फरवरी महीने का पहला बुद्ध प्रदोष व्रत 7 जनवरी यानि आज रखा रही है।आज शाम के समय में शिव जी की पूजा से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होगी। यहां पढ़ें बुद्ध प्रदोष व्रत कथा।

Budh Pradosh Vrat Katha 2024

Budh Pradosh Vrat Katha (बु्द्ध प्रदोष व्रत कथा)

एक नवविवाहित व्यक्ति के बारे में एक पुरानी कहानी है। गांव के बाद वह अपनी पत्नी को अपनी दूसरी पत्नी के घर ले गया और अपनी सास से कहा कि वह उसे बुधवार को अपने शहर ले जाएगा। शख्स के ससुर, साले और साली ने उसे समझाया कि यह दुर्भाग्य है कि हमने उसकी पत्नी को बुधवार को भाग जाने दिया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा।

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