Budhwar Pradosh Vrat Katha: बुधवार प्रदोष व्रत कथा हिंदी में यहां देखें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated May 3, 2023, 07:52 AM IST

Budh Pradosh Vrat Katha: 3 मई को यानि आज बुध प्रदोष व्रत है। ये व्रत भगवान शिव की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। यहां जानिए बुध प्रदोष व्रत की कहानी।

Budh Pradosh Vrat Katha: आज यानि 3 मई को बुध प्रदोष व्रत रखा जाएगा। प्रदोष व्रत जब बुधवार को पड़ता है तो उसे बुध प्रदोष व्रत के नाम से पुकारते हैं। हिंदू पंचांग अनुसार प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है। मान्यता है इस व्रत को करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। जिससे व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। बुध प्रदोष व्रत वाले दिन भगवान शिव की विधि विधान पूजा करें और उन्हें बेल पत्र जरूर अर्पित करें। अब जानिए बुध प्रदोष व्रत की कथा।

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बुध प्रदोष व्रत की पावन कथा यहां देखें

Budh Pradosh Vrat Katha (बुध प्रदोष व्रत कथा हिंदी में)

बुध प्रदोष व्रत की कथा के अनुसार एक पुरुष की नई-नई शादी हुई थी। विवाह के 2 दिनों बाद उसकी पत्‍नी मायके चली जाती है। कुछ दिनों बाद वो पुरुष अपनी पत्‍नी को लेने उसके घर आया। बुधवार के दिन जब वह पत्‍नी के साथ लौटने लगा तो लड़की के मायके वालों ने उसे रोकने का भरपूर कोशिश की लेकिन वो लड़का नहीं माना। लड़के के ससुराल वालों ने उसे स्पष्ट बताया कि विदाई के लिए बुधवार का दिन शुभ नहीं होता है। लेकिन उसने किसी की एक नहीं मानी और अपनी पत्‍नी को लेकर बैल गाड़ी से निकल पड़ा।

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