Bhoot Chaturdashi 2024: भूत चतुर्दशी कब है, ये त्योहार कहां और कैसे मनाया जाता है, जान लें पूजा विधि और मुहूर्त

Bhoot Chaturdashi 2024, Indian Halloween 2024: वैसे तो हम सभी ने भूत-प्रेतों की कहानियां या घटनाएं सुन रखी हैं लेकिन क्या आप इंडियन हालोवीन के बारे में जानते हैं ? भारत में कुछ जगहों पर नरक चतुर्दशी को भूत चतुर्दशी, काली चौदस या छोटी दिवाली भी कहा जाता हैं। पक्षिम बंगाल में इसे इंडियन हैलोवीन के रूप में मनाया जाता हैं। लोक मान्यतों के अनुसार आज के दिन आत्माएं धरती पर उतरती और घूमती हैं। आइयें इसकी तिथि, महत्व और विधि को समझते हैं।

Bhoot Chaturdashi 2024, Indian Halloween 2024: नरक चतुर्दशी को कई जगह भूत चतुर्दशी के नाम से मनाया जाता है। ये पर्व मुख्य रूप से पक्षिम बंगाल में मनाया जाता है। इस दिन माता काली की पूजा का प्रचलन हैं। इस पर्व को काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। पंचांग के अनुसार भूत चतुर्दशी पर्व हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मनाया जाता हैं। वर्ष 2024 में भूत चतुर्दशी की तिथि 30 अक्टूबर को बुधवार के दिन पड़ी हैं। इस पर्व को घर से बुरी शक्तियों या नकारात्मक उर्जाओं को दूर करने के लिए मनाया जाता है।

भूत चतुर्दशी पूजा विधि (Bhoot Chaturdashi Puja Vidhi)

भूत चतुर्दशी की शाम को विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें घर में भगवान यमराज, मां काली, भगवान कृष्ण, भगवान शिव, भगवान हनुमान और भगवान विष्णु की विधि-पूर्वक पूजा की जाती हैं। रात के समय देवी काली की एक विशेष पूजा होती है जिसमे भक्त अपनी सुरक्षा और कल्याण के लिए मां काली से आशीर्वाद लेते हैं। पौराणिक मान्यताओं अनुसार इस दिन पूर्वज धरती पर आते है जिनके नमन और संतुष्टि हेतु उनके परिजन एक दीप जलाते हैं। इस दिन के भोजन में साग या पत्तेदार सब्जियां पकाई जाती हैं और खाई जाती हैं। इस दिन का मुख्य आकर्षण है 14 दीयों का प्रज्वलन और 14 प्रकार की हरी सब्जियों का सेवन करना। बंगाली परंपरा के अनुसार, इस दिन पूर्वजों की आत्माएं अपने परिवार के लोगों से मिलने आती हैं। ऐसे में लोग इस दिन अपनी 14 पीढ़ियों के पूर्वजों का सम्मान करने के 14 दीपक जलाते हैं, जो पूर्वजों के मार्गदर्शन, सम्मान और उनकी यात्रा के गर्म स्वागत का प्रतीक होते हैं।

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