आज के संकष्टी व्रत की कथा, भालचंद्र संकष्टी व्रत की कहानी क्या है, यहां से जानें मार्च के संकष्टी व्रत का महत्व

Bhalchandra Sankashti Vrat Katha (आज के संकष्टी व्रत की कथा), मार्च के संकष्टी व्रत की कथा: आज 6 मार्च को भालचंद्र संकष्टी व्रत रखा जा रहा है जो कि प्रथमपूज्य भगवान गणपति को समर्पित है। पंचांग के अनुसार, यह चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर आती है। यहां पढ़ें भालचंद्र संकष्टी की कहानी, भालचंद्र संकष्टी की कथा क्या है।

Bhalchandra Sankashti Vrat Katha (आज के संकष्टी व्रत की कथा), मार्च के संकष्टी व्रत की कथा: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनसे ही होती है। हर महीने आने वाली संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित होती है, लेकिन चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को पड़ने वाली भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से भगवान गणेश का व्रत रखते हैं, उनकी पूजा करते हैं और व्रत कथा सुनते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन के कष्ट, बाधाएं और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।

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भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी व्रत की कहानी

इस चतुर्थी से जुड़ी पौराणिक कथा भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पुत्र गणेश तथा कार्तिकेय से संबंधित है, जो हमें बुद्धि, श्रद्धा और माता-पिता के सम्मान का संदेश देती है।

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