भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक है राजस्थान का ये खास मंदिर, भाईदूज पर बनाएं दर्शन का प्लान

Bhai Dooj 2025 : भाई-बहन के पावन रिश्ते का पर्व भाई दूज देशभर में 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस पर्व पर बहन अपने भाई की लंबी आयु की कामना करती है और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है। आज हम आपको भाईदूज के लिए दर्शन करने के लिए विशेष मंदिर बताने जा रहे हैं।

Bhai Dooj 2025 : हमारे देश में प्रत्येक पर्व और त्योहार के लिए कोई खास मंदिर होता है। दिवाली के तुरंत बाद आने वाले भाईदूज पर्व के लिए भी कुछ मंदिर हैं। जहां दर्शन के लिए काफी श्रृद्धालु पहुंचते हैं। भाई दूज के मौके पर आशीर्वाद लेने के लिए लोग काफी अलग-अलग मंदिरों में जाते हैं, लेकिन राजस्थान में एक प्रसिद्ध मंदिर है, जो भाई-बहन के अनोखे प्यार को दिखाता है। इस मौके पर दूर-दूर से लोग मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। आइए जानते हैं कहां है ये मंदिर और क्या है इसका नाम?

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कौन सा है मंदिर?

राजस्थान के सीकर जिले के पास जीण माता और हर्ष भैरव का मंदिर है। मंदिर की पौराणिक कथा भाई-बहन के पावन प्रेम को दिखाती है। बताया जाता है कि चूरू जिले के घांघू गांव में बहन जीण और भाई हर्ष का जन्म हुआ था। दोनों भाई-बहन एक-दूसरे पर जान छिड़कते थे, लेकिन भाई हर्ष की शादी के बाद सब कुछ बदल गया। हर्ष की पत्नी और जीण की भाभी घर में दोनों भाई-बहन को अलग करने के लिए प्रपंच करने लगी। भाभी की हरकतों से परेशान होकर जीण घर छोड़कर एक पहाड़ पर जाकर विलाप करने लगीं। उनके भाई हर्ष उन्हें मनाने के लिए पहुंचे, लेकिन वे नहीं मानीं। बहन जीण ने उसी काजल पहाड़ी के शिखर पर तपस्या की और आदिशक्ति का रूप कहलाई।

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