भादवा चौथ व्रत कथा, भादवा चौथ की कहानी लिखित में, यहां पढ़ें bhadrapada or bhado ganesh chaturthi vrat katha

Bhadwa Chauth Vrat Katha Kahani In Hindi likhit mein (भादवा चौथ व्रत कथा, भादवा चौथ की कहानी): भादो मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को भादवा चौथ का व्रत रखा जाता है जो कि 2025 में 12 अगस्त को है। इस व्रत में शाम को पूजा के समय गणेश जी की कहानी पढ़ी जाती है। भादवा चौथ व्रत कथा नल-दमयंती की कहानी से जुड़ी है। यहां पढ़ें bhadrapada chauth vrat 2025 की कथा, bhado ganesh chaturthi vrat katha।

Bhadwa Chauth Vrat Katha Kahani In Hindi likhit mein (भादवा चौथ व्रत कथा, भादवा चौथ की कहानी): भाद्रपद या भादो मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का व्रत बेहद शुभ माना जाता है। इसे भाद्रपद गणेश चतुर्थी भी कहते हैं। 2025 में यह व्रत 12 अगस्त को रखा जाएगा। भादवा चौथ का व्रत गणेश की कृपा के लिए रखा जाता है। इस व्रत में गोधूलिबेला में पूजा होती है और फिर चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। यहां पढ़ें भादवा चौथ व्रत की कहानी।

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भादवा चौथ व्रत कथा / कहानी हिंदी में (Pic: Canva)

भादवा चौथ व्रत कथा / कहानी हिंदी में

पौराणिक काल में एक श्रेष्ठ राजा नल हुए हैं। उनकी रानी दमयन्ती थी जो बेहद सुंदर थीं। किसी श्राप की वजह से राजा नल को अपना राज्य खोना पड़ा और उसे रानी से दूर होने का कष्ट भी सहना पड़ा।

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