Baps Hindu mandir, Abu Dhabi Photos: संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में पहला हिंदू मंदिर बनकर तैयार है। इस मंदिर की योजना संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनायी थी। जिसका उद्घाटन 14 फरवरी को यानी बसंत पंचमी (Basant Panchami 2024) के दिन किया जाएगा। अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) की तरह ही इस मंदिर की वास्तुकला भी बेजोड़ है। मंदिर 27 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। इसका निर्माण बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) के नेतृत्व में हुआ है। जानिए मंदिर की खासियत।
Baps Hindu mandir, Abu Dhabi Photos (Photo Credit- Abu Dhabi Mandir Instagram)
अबू धाबी का मंदिर भगवान स्वामीनारायण को समर्पित है। ये मंदिर इतालवी संगमरमर से बना है। मंदिर में भगवान स्वामीनारायण के अलावा भगवान शिव, गणेश जी, श्री कृष्ण परिवार, राम परिवार और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित की जाएंगी। मंदिर 27 एकड़ की जमीन पर बनाया गया है।
आबू धाबी के मंदिर निर्माण के लिए संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने जमीन दान में दी थी। मंदिर का निर्माण बीएपीएस संस्था के नेतृत्व में हुआ है। ये एक ऐसी संस्था है जो दुनियाभर में 1100 से ज्यादा हिंदू मंदिरों का निर्माण करवा चुकी है। दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर का निर्माण भी इसी संस्था द्वारा किया गया है।
2015 में पीएम मोदी जब UAE के दौरे पर आए थे, तब यहां मंदिर निर्माण की अनुमति दी गई थी। अबू धाबी के मंदिर का निर्माण जयपुर के पिंक सैंड स्टोन से हुआ है। ये वही पत्थर है, जिससे अयोध्या में श्री राम मंदिर बनाया गया है।
बता दें इस मंदिर के निर्माण में न तो लोहे का प्रयोग हुआ है और न ही स्टील का। इंटरलॉकिंग पद्धति से शिलाओं की फिटिंग की गई है। इसी तरह का काम अयोध्या राम मंदिर में भी किया गया है।
अबू धाबी में बनें इस मंदिर में इटैलियन मार्बल का भी प्रयोग किया गया है, जिसके कारण इसका इंटीरियर काफी निखर कर सामने आया है। मंदिर के स्तंम्भों पर जो नक्काशी की गई है, वह काफी रोचक है।
मंदिर में राम जन्म, सीता स्वयंवर, राम वनगमन, श्री राम-रावण युद्ध और भरत-मिलाप जैसे प्रसंगों को नक्काशी में बड़ी ही खूबसूरती के साथ दिखाया गया है। ये दृश्य देखते ही आपकी आंखों के सामने पूरी रामायण घूमने लगेगी।
मंदिर अरबी और हिंदू का संस्कृति का प्रतीक है। मंदिर में कुल कई स्तंभ बनाए गए हैं। मध्य खंड में स्वामी नारायण के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
मंदिर में 7 शिखरों का निर्माण किया गया है। नक्काशी की गईं शिलाएं भरतपुर जिले से लाई गईं हैं। मंदिर में कल्प वृक्ष का निर्माण भी किया गया है। जानकारी अनुसार मंदिर को बनाने में 700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
