Eid Kab Hai 2025: क्यों मनाई जाती है ईद-उल-अजहा? इसे क्यों कहते हैं बकरीद, जानिए इस दिन क्या करते हैं मुसलमान

Eid Kab Hai 2025: ईद-उल-अजहा को आम भाषा में बकरीद कहा जाता है। ये इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है। यह पर्व कुर्बानी यानी बलिदान की भावना को समर्पित होता है और इसे हर साल इस्लाम धर्म के 12वें महीने धुल-हिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। जानिए इस साल ईद कब है और क्यों मनाया जाता है ये त्योहार।

Eid Kab Hai 2025: ईद-उल-अजहा का अर्थ है “बलिदान की ईद”। यह त्योहार पैगंबर इब्राहीम की अल्लाह के प्रति निष्ठा और आज्ञापालन की याद में मनाया जाता है। मुस्लिम धार्मिक मान्यताओं अनुसार यह त्योहार हमें सिखाता है कि अल्लाह के प्रति पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ कैसे जीवन जिया जाए और जब जीवन में बड़ी परीक्षा आए, तो समर्पण और आस्था से कैसे उसका सामना किया जाए। अब सवाल ये उठता है कि आखिर इस साल बकरीद कब मनाई जाएगी और इस त्योहार को मनाने के पीछे की कहानी क्या है। चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं यहां।

क्यों मनाई जाती है ईद-उल-अजहा?

बकरीद कब मनाई जाती है (Bakra Kab Hot Hai)

बकरीद हर साल इस्लामी महीने धुल-हिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। इस त्यौहार की तारीख इस्लामी पंचांग (हिजरी कैलेंडर) के अनुसार निर्धारित होती है। यह ग्रेगोरियन कैलेंडर (सामान्य कैलेंडर) की तरह स्थिर नहीं होता, इसलिए हर साल इसकी तारीख बदलती रहती है।

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