Bahula Chauth Vrat Katha: भूखे बछड़े के लिए शेर के सामने लौटी थी बहुला गाय, पढ़ें बहुला चौथ की साहस और सत्य की पूरी कथा

Bahula Chauth Vrat Katha in Hindi: पढ़ें बहुला गाय, उसके बछड़े और शेर से जुड़ी बहुला चतुर्थी की पूरी कथा। जानें इस व्रत का धार्मिक महत्व और कथा से मिलने वाली सीख।

Bahula Chaturthi Vrat Katha in Hindi: बहुला चतुर्थी को बहुला चौथ, बोल चौथ और भादुड़ी चौथ जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह व्रत भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश, श्रीकृष्ण और गौ माता की पूजा करने की परंपरा है। माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, सुरक्षा और सुखी जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं। पूजा के समय बहुला गाय की कथा जरूर सुनी या पढ़ी जाती है। आखिर बहुला गाय ने ऐसा क्या किया था कि उसकी पूजा होने लगी? आइए पढ़ते हैं बहुला चौथ की भावपूर्ण व्रत कथा।

bahula chauth ki katha

बहुला चौथ की व्रत कथा, क्या सिखाती है इस निडर गाय की कहानी

बहुला चतुर्थी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के समय नंद बाबा की गौशाला में अनेक गायें रहती थीं। उन्हीं में बहुला नाम की एक गाय थी। मान्यता है कि बहुला कामधेनु का अंश थी और भगवान श्रीकृष्ण को बहुत प्रिय थी।

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