Baglamukhi Mantra: सनातन धर्म में कई ऐसे पर्व और तिथियां हैं, जो साधना और शक्ति की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। उन्हीं में से एक बगलामुखी जयंती भी है।ये एक ऐसा दिन है जिसे विशेष रूप से शत्रु नाश, वाणी पर नियंत्रण और कठिन परिस्थितियों से मुक्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। यह पर्व वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, और मान्यता है कि इसी दिन मां बगलामुखी का प्राकट्य हुआ था। आगे पढ़ें मां बगलामुखी के पूजन के लिए खास मंत्र (Baglamukhi Jayanti 2026)...
बगलामुखी माता के मंत्र
मां बगलामुखी का पूजा मंत्र
"ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥"
मां बगलामुखी का बीज मंत्र (सबसे प्रभावशाली)
ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः॥
यह मां बगलामुखी का मुख्य बीज मंत्र है। इसे रोज या विशेष रूप से बगलामुखी जयंती पर 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
मां बगलामुखी का स्तंभन मंत्र (शत्रु नाश के लिए)
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय।
जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
यह मंत्र शत्रुओं की वाणी और बुद्धि को नियंत्रित करने के लिए जाना जाता है। कोर्ट-कचहरी या विवादों में यह मंत्र विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।
मां बगलामुखी का ध्यान मंत्र
पीताम्बरां पीतमाल्यां पीताभरण भूषिताम्।
पीतवर्णां महादेवीं बगलामुखीं स्मराम्यहम्॥
इस मंत्र का जप करते हुए मां का ध्यान करें। इससे मन एकाग्र होता है और साधना सफल होती है।
मां दुर्गा के 108 नाम जाप
1. ॐ श्रियै नमः।
2. ॐ उमायै नमः।
3. ॐ भारत्यै नमः।
4. ॐ भद्रायै नमः।
5. ॐ शर्वाण्यै नमः।
6. ॐ विजयायै नमः।
7. ॐ जयायै नमः।
8. ॐ वाण्यै नमः।
9. ॐ सर्वगतायै नमः।
10. ॐ गौर्यै नमः।
11. ॐ वाराह्यै नमः।
12. ॐ कमलप्रियायै नमः।
13. ॐ सरस्वत्यै नमः।
14. ॐ कमलायै नमः।
15. ॐ मायायै नमः।
16. ॐ मातंग्यै नमः।
17. ॐ अपरायै नमः।
18. ॐ अजायै नमः।
19. ॐ शांकभर्यै नमः।
20. ॐ शिवायै नमः।
21. ॐ चण्डयै नमः।
22. ॐ कुण्डल्यै नमः।
23. ॐ वैष्णव्यै नमः।
24. ॐ क्रियायै नमः।
25. ॐ श्रियै नमः।
26. ॐ ऐन्द्रयै नमः।
27. ॐ मधुमत्यै नमः।
28. ॐ गिरिजायै नमः।
29. ॐ सुभगायै नमः।
30. ॐ अंबिकायै नमः।
31. ॐ तारायै नमः।
32. ॐ पद्मावत्यै नमः।
33. ॐ हंसायै नमः।
34. ॐ पद्मनाभसहोदर्यै नमः।
35. ॐ अपर्णायै नमः।
36. ॐ ललितायै नमः।
37. ॐ धात्र्यै नमः।
38. ॐ कुमार्यै नमः।
39. ॐ शिखवाहिन्यै नमः।
40. ॐ शांभव्यै नमः।
41. ॐ सुमुख्यै नमः।
42. ॐ मैत्र्यै नमः।
43. ॐ त्रिनेत्रायै नमः।
44. ॐ विश्वरूपिण्यै नमः।
45. ॐ आर्यायै नमः।
46. ॐ मृडान्यै नमः।
47. ॐ हींकार्यै नमः।
48. ॐ क्रोधिन्यै नमः।
49. ॐ सुदिनायै नमः।
50. ॐ अचलायै नमः।
51. ॐ सूक्ष्मायै नमः।
52. ॐ परात्परायै नमः।
53. ॐ शोभायै नमः।
54. ॐ सर्ववर्णायै नमः।
55. ॐ हरप्रियायै नमः।
56. ॐ महालक्ष्म्यै नमः।
57. ॐ महासिद्धयै नमः।
58. ॐ स्वधायै नमः।
59. ॐ. स्वाहायै नमः।
60. ॐ मनोन्मन्यै नमः।
61. ॐ त्रिलोकपालिन्यै नमः।
62. ॐ उद्भूतायै नमः।
63. ॐ त्रिसन्ध्यायै नमः।
64. ॐ त्रिपुरान्तक्यै नमः।
65. ॐ त्रिशक्त्यै नमः।
66. ॐ त्रिपदायै नमः।
67. ॐ दुर्गायै नमः।
68. ॐ ब्राह्मयै नमः।
69. ॐ त्रैलोक्यवासिन्यै नमः।
70. ॐ पुष्करायै नमः।
71. ॐ अत्रिसुतायै नमः।
72. ॐ गूढ़ायै नमः।
73. ॐ त्रिवर्णायै नमः।
74. ॐ त्रिस्वरायै नमः।
75. ॐ त्रिगुणायै नमः।
76. ॐ निर्गुणायै नमः।
77. ॐ सत्यायै नमः।
78. ॐ निर्विकल्पायै नमः।
79. ॐ निरंजिन्यै नमः।
80. ॐ ज्वालिन्यै नमः।
81. ॐ मालिन्यै नमः।
82. ॐ चर्चायै नमः।
83. ॐ क्रव्यादोप निबर्हिण्यै नमः।
84. ॐ कामाक्ष्यै नमः।
85. ॐ कामिन्यै नमः।
86. ॐ कान्तायै नमः।
87. ॐ कामदायै नमः।
88. ॐ कलहंसिन्यै नमः।
89. ॐ सलज्जायै नमः।
90. ॐ कुलजायै नमः।
91. ॐ प्राज्ञ्यै नमः।
92. ॐ प्रभायै नमः।
93. ॐ मदनसुन्दर्यै नमः।
94. ॐ वागीश्वर्यै नमः।
95. ॐ विशालाक्ष्यै नमः।
96. ॐ सुमंगल्यै नमः।
97. ॐ काल्यै नमः।
98. ॐ महेश्वर्यै नमः।
99. ॐ चण्ड्यै नमः।
100. ॐ भैरव्यै नमः।
101. ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।
102. ॐ नित्यायै नमः।
103. ॐ सानन्दविभवायै नमः।
104. ॐ सत्यज्ञानायै नमः।
105. ॐ तमोपहायै नमः।
106. ॐ महेश्वरप्रियंकर्यै नमः।
107. ॐ महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः।
108. ॐ दुर्गापरमेश्वर्यै नमः।
मां बगलामुखी कौन हैं?
मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं शक्ति मानी जाती हैं। वे शक्ति और तंत्र साधना की प्रमुख देवी हैं, जो अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और शत्रुओं का नाश करती हैं। इन्हें ‘पीतांबरा देवी’ भी कहा जाता है, क्योंकि इन्हें पीला रंग अत्यंत प्रिय है। मां का स्वरूप अद्भुत और रहस्यमय है वे शत्रु की जीभ पकड़कर उसे निष्क्रिय कर देती हैं, जो इस बात का प्रतीक है कि वे नकारात्मक शक्तियों और बुरे प्रभावों को समाप्त करती हैं।
