Baglamukhi Famous Temple: पांडवों ने की थी मां बगलामुखी के इस मंदिर की स्थापना, जानें इस मंदिर के बारे में सबकुछ

Baglamukhi Famous Temple: भारत में अनेक मंदिर और शिवालय विराजमान है। हर मंदिर की अपनी अलग खासियत होती है। आज हम बात करने जा रहे हैं मां बगलामुखी के प्राचीन मंदिर के बारे में। आइए जानें इस मंदिर से जुड़े रोचक तथ्य।

Maa Baglamukhi Temple: मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है। मां बगलामुखी आठवी महाविद्या की देवी हैं। मां बगलामुखी की पूजा करने से साधक को शत्रुओं पर विजय प्राप्ति की शक्ति मिलती है। मां बगलामुखी का एक नाम पीतांबरी भी है। मां बगलामुखी के मंदिर में यज्ञ और हवन करने से कोर्ट कचहरी से भी छुटकारा पाया जा सकता है। वैसे तो मां बगलामुखी के अनेक मंदिर विराजमान हैं, लेकिन आज हम बात करने से जा रहे हैं। पांडवों द्वारा बनाए गए बगलामुखी मंदिर के बारे में । आइए जानते हैं इसक मंदिर के बारे में सारी जानकारी।

कहां है बगलामुखी मंदिर

मां बगलामुखी का ये मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है। इस मंदिर की को महाभारत काल का माना जाता है। बगलामुखी माता के इस मंदिर में शत्रुनाशिनी यज्ञ किये जाते हैं। इस यज्ञ में लाल मिर्च की आहुति दी जाती है।

किसने की थी मंदिर की स्थापना

मां बगलामुखी के इस मंदिर की स्थापना द्वापर युग में पांडवों के द्वारा की गई थी। पांडवो ने अपने अज्ञातवास के दौरान इस मंदिर को एक ही रात में बना दिया था। सबसे पहले यहां पर अजुर्न और भीम ने युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए मां की उपासना की थी।

बगलामुखी को पिताबंरी क्यों कहते हैं

ऐसा माना जाता है कि मां बगलामुखी हल्दी के रंग वाले पीले जल में प्रकट हुईं थी। जिस कारण उनका शरीर पूरा पीला था, इसलिए मां को पितांबरी भी कहा जाता है। मां बगलामुखी को पीला रंग बहुत ही पसंद है। उनकी पूजा में पीले फूल और पीले वस्त्र अर्पित किये जाते हैं। इस मंदिर को पीले रंग से रंग गया है।

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