Ahoi Mata Ki Aarti Lyrics In Hindi (जय अहोई माता, जय अहोई माता आरती) : उत्तर भारत के प्रसिद्ध व्रतों में एक है- अहोई अष्टमी व्रत। पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत किया जाता है। इस साल यह व्रत 17 अक्टूबर दिन सोमवार को पड़ रहा है।दरअसल, यह व्रत माताएं अपने बच्चों के दीर्घायु और उनके तरक्की की कामना के लिए करती हैं। बता दें कि इस व्रत के पूजन विधि में शाम के समय चंद्र देव को अर्घ्य, उनके मंत्र, स्तोत्र, कथा के पाठ आदि शामिल हैं। वहीं आरती गायन के साथ पूजन विधि का समापन किया जाता है। ऐसे में आज हम लेकर आए हैं- अहोई माता की प्रसिद्ध आरती और उन्हें प्रसन्न करने के विशेष मंत्र।
Ahoi Ashtami Aarti Lyrics In Hindi
जय अहोई माता, जय अहोई माता!
तुमको निसदिन ध्यावत हर विष्णु विधाता। टेक।।
ब्राह्मणी, रुद्राणी, कमला तू ही है जगमाता।
सूर्य-चंद्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता।। जय।।
माता रूप निरंजन सुख-सम्पत्ति दाता।।
जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता।। जय।।
तू ही पाताल बसंती, तू ही है शुभदाता।
कर्म-प्रभाव प्रकाशक जगनिधि से त्राता।। जय।।
जिस घर थारो वासा वाहि में गुण आता।।
कर न सके सोई कर ले मन नहीं धड़काता।। जय।।
तुम बिन सुख न होवे न कोई पुत्र पाता।
खान-पान का वैभव तुम बिन नहीं आता।। जय।।
शुभ गुण सुंदर युक्ता क्षीर निधि जाता।
रतन चतुर्दश तोकू कोई नहीं पाता।। जय।।
श्री अहोई मां की आरती जो कोई गाता।
उर उमंग अति उपजे पाप उतर जाता।।
अहोई अष्टमी विशेष मंत्र
ॐ उमादेव्यै नमः॥
कहते हैं इस मंत्र के जाप से चंद्र देव बेहद प्रसन्न होते हैं और व्रती की सारी कामनाएं पूर्ण करते हैं।
अहोई अष्टमी महत्व
अहोई अष्टमी व्रत के दिन अहोई माता की पूजा के साथ सई और सेई के बच्चों के तस्वीर की पूजा करने का भी विधान है। व्रत विधिवत पूरा करने से भगवान सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। कहते हैं जो माताएं अपने बच्चे के लिए इस व्रत पर उपवास रखती हैं उनके संतान को लंबी आयु और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।
