Chanakya Niti: इन तीन रिश्‍तों में हमेशा बरतें सावधानी, धोखा मिलने पर जीवन हो जाता है बर्बाद

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  • Updated Dec 9, 2022, 11:39 AM IST

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि व्‍यक्ति को हमेशा सजग और सर्तक रहना चाहिए, क्‍योंकि जीवन में सबसे ज्‍यादा महत्‍व आसपास रहने वाले लोग ही पहुंचाते हैं। ऐसे लोग विश्‍वासपात्र बनकर इस तरह से धोखा देते हैं कि लोगों का जीवन बर्बाद हो जाता है। इसलिए ऐसे लोगों से हमेशा सर्तक और दूर रहना चाहिए।

KEY HIGHLIGHTS
  • सफलता के लिए आसपास के लोगों से हमेशा सर्तक रहना जरूरी
  • दुष्ट पत्‍नी, मित्र और नौकर है दुश्‍मन से भी ज्‍यादा खतरनाक
  • इन तीनों से धोखा मिलने के बाद व्‍यक्ति हो जाता है पूरी तरह बर्बाद

Chanakya Niti in Hindi: आचार्य चाणक्य ने अपने नीतिशास्‍त्र में जीवन का रहस्‍य बताने के साथ जीवनयापन के दौरान आने वाली समस्‍याओं से निजात पाने के उपाय भी बताए हैं। आचार्य कहते हैं कि, जीवन में असफलता के दो मुख्‍य कारण होते हैं- एक लापरवाही बरतना और दूसरा किसी के द्वारा धोखा मिलना है। इसलिए व्‍यक्ति को हमेशा सर्तक रहना चाहिए। आचार्य ने नीति शास्‍त्र में दुष्‍ट और धोखेबाज लोगों की पहचान का तरीका बताते हुए कहते हैं कि जीवन में सबसे ज्‍यादा महत्‍व आसपास रहने वाले लोगों का होता है। अगर ऐसे लोग दुष्‍ट निकले तो किसी का भी जीवन बर्बाद कर सकते हैं।इस तरह के लोगों से हमेशा सर्तक रहना चाहिए। आचार्य ने ऐसे ही तीन खास लोगों का जिक्र करते हुए कहते हैं कि अगर ये लोग दुष्‍ट निकल जाएं तो बहुत गहरा घाव देते हैं।

chanakya niti

इन तीन रिश्‍तों में हमेशा रहें संभलकर, धोखे के साथ मिलती है बर्बादी

धोखेबाज मित्रा

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं, किसी से भी मित्रता करते समय व्‍यक्ति को हमेशा सर्तक रहना चाहिए। क्‍योंकि अगर गलती से कोई धोखेबाज और कपटी व्‍यक्ति आपका मित्र बन गया तो वह जीवन को बर्बाद कर सकता है। आचार्य ने ऐसे दोस्‍तों की तुलना सांप से करते हुए कहा है कि ऐसे मित्रों द्वारा धोखा मिलने के बाद बाद व्‍यक्ति दोबार नहीं संभल पाता। ऐसे लोग पहले दोस्‍ती की आड़ में सारा भेद ले लेते हैं और फिर पीछे से नुकसानदायक प्रहार करते हैं।

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