Chanakya Niti in Hindi: मनुष्य जीवन को सफल बनाने के लिए आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में कई आसान और व्यवहारिक उपाय बताए हैं। आचार्य चाणक्य कहते कि जीवन में नई चीजें सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। व्यक्ति जब चाहे तभी आसपास के लोगों से कुछ न कुछ सीख सकता है। आचार्य कहते हैं मनुष्य अपने जीवन में जितना नई चीजें सीखते हैं, उतना वह आगे बढ़ता है। नई चीजों को सीखने से व्यक्ति में समझ विकसित होती है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति में नई चीजें सीखने की समक्ष है तो वह एक कुत्ते से भी सफलता के कई गुण सीख सकता है। आचार्य ने कुत्ते के चार ऐसे गुण बताएं हैं, जो असफलता को भी सफल बना सकते हैं।
जीवन में सफलता के लिए चाणक्य नीति
1. आत्मसंतोष दिलाता है सफलता
आचार्य चाणक्य कहते है कि सफलता पाने से पहले व्यक्ति के अंदर आत्मसंतोष का गुण सीखना चाहिए। जिस तरह से एक कुत्ता कई दिनों तक भूखा रहने के बाद भी थोड़ा खाना मिलने पर भी संतोष कर आगे बढ़ जाता है, उसी तरह मनुष्य को भी कभी-कभार छोटी-छोटी सफलता से ही संतोष कर लेना चाहिए। इससे दिमाग गलत दिश में नहीं जाता है।
2. गहरी नींद में भी सतर्क रहें
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि खुद की सुरक्षा के लिए कभी भी व्यक्ति को गहरी नींद में नहीं सोना चाहिए। लोगों को हमेशा एक कुत्ते की तरह हल्की नींद सोना चाहिए। अगर थोड़ी सी आहट होने पर आपकी नींद खुल जा रही है, तो आप सतर्क रहने के साथ खुद की सुरक्षा भी कर सकते हैं।
3. अच्छा करियर के लिए स्वामिभक्ति जरूरी
आचार्य चाणक्य का कहना है कि अगर सफलता हासिल करना चाहते हैं तो स्वामिभक्ति का गुण होना जरूरी है। जिस तरह एक कुत्ता अपने मालिक के प्रति पूरी तरह वफादार होता है, उसी तरह लोगों को भी अपने कार्य व कारोबार के प्रति वफादार होना चाहिए। नौकरी करने वाले जो जो अपने बॉस की नजर में प्रिय बने रहते हैं, वे अपने लक्ष्य को जरूर हासिल करते हैं।
4. वीरता सफलता का सूत्र
चाणक्य कहते हैं कि सफलता के रास्ते में कई रूकावटे आती हैं, इसलिए इनका सामना करने के लिए व्यक्ति में वीरता का गुण होना बहुत जरूरी है। जिस तरह एक कुत्ता निडर होकर हर खतरे का सामना वीरता से करता है, उसी तरह व्यक्ति को भी निडर होकर सभी बुरी परिस्थितियों का सामना सामना करना चाहिए। जो व्यक्ति असफलता और बुरे वक्त से डर कर भाग जाते हैं, उनसे सफलता भी दूर हो जाती है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
