aaj suryast kab hoga 19 February 2026 (aaj roza kholne ka time kya hai), Roza Khole ki aaj ki dua: रमजान के पाक महीने में रोजे रखे जाते हैं। रोजाना रखे गए रोजे सूर्य के अस्त होने के बाद खोले जाते हैं। यहां देखें कि आज रोजा खोलने का वक्त क्या है। आज 20 फरवरी 2026, शुक्रवार को रोजा खोलने का सही समय क्या है, कितने बजे तक रोजा खोलना है। जानें यहां। साथ ही देखें रोजा खोलते समय क्या दुआ पढ़ें। वैसे रोजा खोलने के लिए आपको सूर्यास्त के समय की जानकारी होनी चाहिए। देखें शहरानुसार इसका भी समय।
आज 20 फरवरी 2026 को रोजा कब तक रहेगा?
आज सूर्यास्त कब होगा 20 फरवरी 2026 को
आज 20 फरवरी 2026 को सूर्यास्त लगभग शाम 18:13 बजे (IST) के आसपास होगा। अलग-अलग शहरों में यह समय 2-5 मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इस्लामी परंपरा के अनुसार रोजा सूर्यास्त होते ही खोला जाता है। आगे देखें आज सूर्यास्त का समय क्या रहेगा आपके शहर और कहां कितने रोजा खोला जाएगा।
आज 20 फरवरी 2026 को सूर्यास्त का समय
| शहर | सूर्यास्त का समय | सूर्यास्त के बाद चंद्रोदय |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 6:13 PM | 7:02 PM |
| नोएडा | 6:13 PM | 7:02 PM |
| गाजियाबाद | 6:12 PM | 7:01 PM |
| फरीदाबाद | 6:13 PM | 7:03 PM |
| गुरुग्राम | 6:13 PM | 7:03 PM |
| मेरठ | 6:12 PM | 7:01 PM |
| हापुड़ | 6:11 PM | 7:00 PM |
| पानीपत | 6:12 PM | 7:02 PM |
| लखनऊ | 6:03 PM | 6:50 PM |
| आगरा | 6:10 PM | 6:58 PM |
| कानपुर | 6:01 PM | 6:48 PM |
| जयपुर | 6:14 PM | 7:05 PM |
| पटना | 5:54 PM | 6:40 PM |
| चंडीगढ़ | 6:14 PM | 7:06 PM |
| भोपाल | 6:19 PM | 7:10 PM |
| इंदौर | 6:20 PM | 7:12 PM |
| मुंबई | 6:41 PM | 7:34 PM |
| पुणे | 6:40 PM | 7:33 PM |
| अहमदाबाद | 6:34 PM | 7:26 PM |
| सूरत | 6:35 PM | 7:27 PM |
| वडोदरा | 6:34 PM | 7:26 PM |
| कोलकाता | 5:47 PM | 6:32 PM |
| चेन्नई | 6:25 PM | 7:18 PM |
| बेंगलुरु | 6:39 PM | 7:32 PM |
| हैदराबाद | 6:30 PM | 7:22 PM |
| रायपुर | 6:24 PM | 7:15 PM |
| भुवनेश्वर | 5:47 PM | 6:31 PM |
| गुवाहाटी | 5:35 PM | 6:18 PM |
| वाराणसी | 6:00 PM | 6:47 PM |
| प्रयागराज | 6:02 PM | 6:49 PM |
| कोच्चि (कोची) | 6:39 PM | 7:33 PM |
| तिरुवनंतपुरम | 6:39 PM | 7:34 PM |
| गोवा | 6:40 PM | 7:33 PM |
| उदयपुर | 6:15 PM | 7:07 PM |
आज 20 फरवरी 2026 को रोजा कब तक रहेगा?
रोजा फज्र (सुबह की नमाज) से शुरू होकर मग़रिब (सूर्यास्त) तक रहता है। यानी आज 20 फरवरी को रोजा सुबह सहरी के बाद शुरू हुआ और शाम को ऊपर बताए गए सूर्यास्त समय पर खत्म होगा। सूर्यास्त होते ही रोजेदार खजूर और पानी से इफ्तार करते हैं, जो सुन्नत भी मानी जाती है।
रमजान सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि सब्र, संयम और इबादत का महीना है। दिनभर की तपिश और प्यास के बाद जब मग़रिब की अज़ान सुनाई देती है, तो दिल में एक खास सुकून और शुक्र का एहसास होता है।
रोजा खोलने की दुआ क्या है
रोजा खोलते समय यह दुआ पढ़ी जाती है:
Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizq-ika-aftartu. रोजा खोलने की दुआ का हिंदी अर्थ इस तरह है - ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोजा रखा, तुझ पर ईमान लाया, तुझ पर भरोसा किया और तेरे ही दिए हुए रिज़्क से इफ्तार किया।
आप यह दुआ भी पढ़ सकते हैं - Zahabaz-zama’u wabtallatil-urooqu wa sabatal-ajru inshaAllah. इसका अर्थ है कि प्यास खत्म हो गई, रगें तर हो गईं और अल्लाह ने चाहा तो सवाब निश्चित हो गया।
माना जाता है कि इफ्तार के समय की गई दुआ खास तौर पर कबूल होती है।
रोजा रखने का आध्यात्मिक महत्व क्या है
रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, सब्र और अल्लाह के प्रति समर्पण की गहरी साधना है। दिनभर इंसान अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखता है, बुरे विचारों और गलत कामों से बचने की कोशिश करता है। यही अभ्यास उसके भीतर तक़वा यानी ईश्वर के प्रति जागरूकता और जवाबदेही की भावना को मजबूत करता है।
जब सूरज ढलता है और इफ्तार का समय होता है, तो वह क्षण केवल खाने-पीने की शुरुआत भर नहीं होता, बल्कि दिल से शुक्र अदा करने का समय होता है। रोजेदार यह महसूस करता है कि जो नेमतें उसे रोज़ाना सहज मिलती हैं, वे दरअसल कितनी बड़ी कृपा हैं। एक घूंट पानी और एक खजूर भी उस समय किसी बड़ी दावत से कम नहीं लगती।
