Aaj Suraj Kab Nikalega 21 January 2026 (सूर्योदय का समय आज का): सूर्योदय को अत्यंत शुभ माना गया है क्योंकि सूर्य देव को जीवन, ऊर्जा के साथ ही चेतना का स्रोत माना जाता है। सूर्य का उदय नई शुरुआत, सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है। सूर्य देव को प्रकाश, जीवन शक्ति और समस्त जीवों के अस्तित्व का आधार माना जाता है। शास्त्रों में सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने, मंत्र जाप करने और ध्यान लगाने का विशेष महत्व बताया गया है। 21 जनवरी 2026 को सूर्योदय का समय विभिन्न शहरों में अलग-अलग है, आइए जानते हैं कि कब कहां कितने बजे सूर्योदय होगा?
21 जनवरी को सूरज कितने बजे निकलेगा
आज 21 जनवरी 2026 को सूर्योदय का समय
| शहर | सूर्योदय का समय |
| दिल्ली | 07:13 – 07:14 AM |
| नोएडा | 07:13 AM |
| गुरुग्राम | ~07:14 AM |
| गाजियाबाद | ~07:13 AM |
| फरीदाबाद | ~07:14 AM |
| लखनऊ | ~06:56 – 07:00 AM |
| कानपुर | ~06:58 – 07:00 AM |
| वाराणसी | ~06:45 AM |
| आगरा | ~07:00 AM |
| जयपुर | ~07:17 AM |
| देहरादून | ~07:15 AM |
| चंडीगढ़ | ~07:15 – 07:20 AM |
| भोपाल | ~07:05 – 07:10 AM |
| इंदौर | ~07:03 – 07:09 AM |
| पटना | ~06:35 – 06:40 AM |
| कोलकाता | ~06:18 – 06:20 AM |
| भुवनेश्वर | ~06:25 – 06:30 AM |
| रांची | ~06:32 AM |
| मुंबई | ~07:12 – 07:18 AM |
| पुणे | ~07:05 – 07:09 AM |
| अहमदाबाद | ~07:07 AM |
| सूरत | ~07:02 AM |
| हैदराबाद | ~06:50 – 06:55 AM |
| बेंगलुरु | ~06:35 – 06:40 AM |
सूर्य देव को नमस्कार करने का महत्व
सूर्योदय के समय सूर्य देव को नमस्कार करना भारतीय परंपरा में अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि यह समय ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय तक का काल होता है। यह काल शरीर, मन और चेतना को एक अलग ऊर्जा से भर देता है। सूर्य देव को प्रणाम करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य, संतुलन और सामर्थ्य बढ़ती है। विशेष रूप से सुबह 05:30 से लेकर सूर्योदय के लगभग 08:00 बजे तक का समय धार्मिक और आध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ कहा गया है। इस समय सूर्य देव की ओर मुख करके अंजलि मुद्रा में दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करना शुभ सिद्ध होता है।
सूर्य नमस्कार और पूजा की विधि
सूर्योदय के समय सूर्य देव को प्रणाम करने के लिए सबसे पहले स्वच्छ स्थल चुनें और पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हों। स्नान के बाद सूर्य की ओर दोनों हाथ जोड़ें और ध्यान से उनकी ओर देखें। यदि संभव हो तो हाथ में तांबे या लोटे में थोड़ा जल लेकर उसमें लाल फूल और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अपने दोनों हाथों से लोटा ऊपर ले जाते हुए ऐसे जल डालें की जल की धारा के बीच से आप सूर्यदेव के दर्शन कर सकें। जल अर्पित करते समय 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। इसी तरह सूर्य देव की पूजा के बाद शांत मन से ध्यान करते हुए सूर्य के गुणों का ध्यान किया जाता है।
सूर्य देव के प्रमुख मंत्र
सूर्य देव को प्रसन्न करने और जीवन में ऊर्जा, लाभ, स्वास्थ्य और सफलता पाने के लिए कुछ मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। इनमें सबसे सरल और शक्तिशाली मंत्र 'ॐ सूर्याय नमः' है, जिसे प्रतिदिन सूर्योदय के समय जपा जा सकता है। इसके अलावा सूर्य बीज मंत्र और आदित्य हृदय स्तोत्र के संक्षिप्त मंत्र का उपयोग भी किया जाता है। इन मंत्रों के जाप से व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक शक्ति की अनुभूति होती है। इसके साथ ही 'ॐ ह्राँ ह्रीं ह्रूं सः स्वाहा' तथा 'ॐ भास्कराय विद्महे, महासूर्याय धीमहि, तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्'। इनके जप से स्वास्थ, सफलता और जीवन में संतुलन आता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
