Aaj Suraj Kab nikalega 13 March 2026 (सूरज निकलने का समय आज का): भारत की प्राचीन संस्कृति में सूर्योदय का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सुबह उगता हुआ सूर्य ऊर्जा, सकारात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। इसलिए रोज सुबह लोग जानना चाहते हैं कि आज सूरज कितने बजे निकलेगा और दिन कब से शुरू होगा।
आज (13 मार्च 2026) सूर्योदय कब होगा?
क्योंकि देश का भौगोलिक क्षेत्र काफी बड़ा है, इसलिए खगोल विज्ञान के अनुसार 13 मार्च 2026 को भारत में सूर्योदय का समय अलग-अलग शहरों में थोड़ा अलग हो सकता है। आइए जानते हैं 13 मार्च को सूर्योदय का सही टाइम...
13 मार्च 2026 को प्रमुख शहरों में सूर्योदय का समय
देश के अलग-अलग शहरों में सूर्योदय का अनुमानित समय कुछ इस तरह हो सकता है। ध्यान रखें कि अलग-अलग इलाकों और स्थान के अनुसार सूर्योदय के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर का सटीक समय स्थानीय पंचांग या मौसम विभाग के अनुसार देख सकते हैं।
| शहर | सूर्योदय का समय |
| दिल्ली | सुबह लगभग 6:34 बजे |
| मुंबई | सुबह लगभग 6:47 बजे |
| कोलकाता | सुबह लगभग 5:48 बजे |
| चेन्नई | सुबह लगभग 6:15 बजे |
| बेंगलुरु | सुबह लगभग 6:24 बजे |
| हैदराबाद | सुबह लगभग 6:26 बजे |
| जयपुर | सुबह लगभग 6:39 बजे |
| लखनऊ | सुबह लगभग 6:23 बजे |
| अहमदाबाद | सुबह लगभग 6:48 बजे |
पुणे – सुबह लगभग 6:41 बजे
सूर्योदय का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में सूर्य को भगवान का स्वरूप माना जाता है। यह हमारे जीवन और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार उगते सूर्य को जल अर्पित करने से स्वास्थ्य, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति मिलती है। इसके अलावा रोजना सूरज की धूम में बैठकर योगासन करने से शरीर भी फिट रहता है। इसके अलावा रोजाना सूर्य को अर्घ्य देने से मन शांत होता है।
सूर्य पूजन के आसान नियम
अगर आप रोज सुबह सूर्य देव की पूजा करना चाहते हैं, तो कुछ सरल नियमों का पालन कर सकते हैं।
- सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल फूल या रोली डालें।
- सूर्योदय के समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य को जल अर्पित करें।
- जल अर्पित करते समय “ॐ सूर्याय नमः” या गायत्री मंत्र आदि का जाप करें।
- सूर्य को जल देने के बाद आप कुछ मिनट का ध्यान या प्रार्थना कर सकते हैं।
