📅 आज का पंचांग ज्योतिषियों के लिए पूरे दिन की दिशा निर्धारित करने वाला है। आज सप्तमी तिथि, मूल पूर्ण रात्रि तक नक्षत्र एवं सौभाग्य 25:00:31 तक योग है। ये संयोजन आध्यात्मिक साधना, पूजन, व्रत आदि के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं। सोमवार को शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
29 सितंबर 2025 का पंचांग (Pic: Canva)
आज कौन सा व्रत है
आज सातवां नवरात्र है। यह व्रत रखा जाएगा। मां कालरात्रि के रूप की पूजा होगी।सूर्य-चंद्र की स्थिति:
सूर्य की स्थिति – 06:12:41 से 18:10:03 तक, चंद्रमा – धनु राशि, चंद्रोदय – 12:52:00, चंद्रास्त – 22:53:59।
संवत्सर:
शक – 1947, विक्रम – 2082, काली – 5126। मास - आश्विन (पूर्णिमांत) व आश्विन (अमांत), ऋतु – शरद।
✅ शुभ समय:
अभिजीत मुहूर्त – 11:47:27 से 12:35:16 तक
🛑 अशुभ मुहूर्त:
राहु काल व यमगण्ड काल में शुभ कार्य न करें।
राहु काल: 07:42:21 से 09:12:01 तक
यमगण्ड: 10:41:41 से 12:11:22 तक
आज का सम्पूर्ण पंचांग देखने के लिए यहाँ क्लिक करें और साथ ही मासिक पंचांग यहां से देखें |
🌌 चंद्रबल व ताराबल:
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन को चंद्रबल प्राप्त है। अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती जैसे नक्षत्र ताराबल से युक्त हैं।
