Aaj Ka Panchang: 12 नवंबर 2025, बुधवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होगा, जो रात 10 बजकर 58 मिनट तक रहेगी, इसके बाद नवमी तिथि शुरू होगी। यह दिन मार्गशीर्ष मास का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष शुभ है। आज काल भैरव जयंती है।
आज पूजा का शुभ समय क्या है, इसको आज के पंचांग से जान सकते हैं। आज नक्षत्र अश्लेशा शाम 6 बजकर 35 मिनट तक रहेगा, फिर मघा नक्षत्र प्रभावी होगा। योग में शुक्ल सुबह 8 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, इसके बाद ब्रह्म योग शुरू होगा। करण में बालव सुबह 10 बजकर 57 मिनट तक, कौलव रात 10 बजकर 58 मिनट तक और तैतिल 13 नवंबर सुबह तक रहेगा। पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल का पता लगा सकते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 41 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 29 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 13 नवंबर रात 12 बजकर 22 मिनट पर उदय होगा और दोपहर 1 बजकर 9 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 47 मिनट 30 सेकंड रहेगी, जबकि रात की अवधि 13 घंटे 13 मिनट 16 सेकंड होगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज की तिथि कृष्ण अष्टमी रात 10 बजकर 58 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण नवमी शुरू होगी। नक्षत्र अश्लेशा शाम 6 बजकर 35 मिनट तक रहेगा, फिर मघा नक्षत्र लगेगा। अश्लेशा का पहला पाद दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक और दूसरा पाद शाम 6 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। मघा नक्षत्र 13 नवंबर सुबह 12 बजकर 47 मिनट तक प्रभावी रहेगा। योग में शुक्ल सुबह 8 बजकर 2 मिनट तक रहेगा, फिर ब्रह्म योग शुरू होगा। करण में बालव सुबह 10 बजकर 57 मिनट तक, कौलव रात 10 बजकर 58 मिनट तक और तैतिल 13 नवंबर तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्धार्थी शुरू होगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष पूर्णिमांत में है, जबकि अमांत में कार्तिक है। प्रविष्टे/गते 27 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि कर्क शाम 6 बजकर 35 मिनट तक रहेगी, फिर सिंह में प्रवेश करेगा। सूर्य राशि तुला में है और सूर्य विशाखा नक्षत्र में पूरे दिन रहेगा। अश्लेशा और मघा नक्षत्र सुरक्षा, नेतृत्व और पराक्रम की ऊर्जा देंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु शरद (वैदिक) और हेमंत (द्रिक) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम ठंडा रहेगा, रात में ठंडक और बढ़ जाएगी।
12 नवंबर काल भैरव जयंती पर पूजा का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:56 से 5:49 बजे तक (ध्यान और पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:22 से 6:41 बजे तक (स्पिरिचुअल कार्यों के लिए शुभ)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:36 बजे तक (नए काम शुरू करने के लिए अच्छा)
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:29 से 5:55 बजे तक (पूजा और फैमिली टाइम के लिए शुभ)
- सायाह्न संध्या: शाम 5:29 से 6:48 बजे तक (भक्ति कार्यों के लिए बेस्ट)
- अमृत काल: शाम 4:58 से 6:35 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए अनुकूल)
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 13 नवंबर सुबह 12:32 बजे तक (रात की पूजा के लिए उत्तम)
12 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 12:05 से 1:26 बजे तक (बड़े फैसले या नए काम से बचें)
- यमगण्ड: सुबह 8:02 से 9:23 बजे तक (जोखिम भरे कामों से बचें)
- गुलिक काल: सुबह 10:44 से 12:05 बजे तक (सावधानी बरतें)
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:44 से 12:27 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 7:15 से 8:52 बजे तक
- गण्ड मूल: पूरे दिन (नए कार्य शुरू करने से बचें)
- बाण: रोग − दोपहर 2:24 बजे से पूर्ण रात्रि तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में राक्षस शाम 6 बजकर 35 मिनट तक रहेगा, फिर चर शुरू होगा। तमिल योग में मरण शाम 6 बजकर 35 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्ध शुरू होगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में एक नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति गुरु को शाम 6 बजकर 35 मिनट तक, फिर राहु को दी जाएगी। दिशा शूल उत्तर दिशा में है, इस दिशा में यात्रा से बचें। चंद्र वास उत्तर शाम 6 बजकर 35 मिनट तक, फिर पूर्व रहेगा। अग्निवास पृथ्वी रात 10 बजकर 58 मिनट तक, फिर आकाश में रहेगा। राहु वास दक्षिण-पश्चिम में रहेगा। शिववास गौरी के साथ रात 10 बजकर 58 मिनट तक, फिर सभा में रहेगा। कुंभ चक्र गर्भ शाम 6 बजकर 35 मिनट तक, फिर तल में रहेगा।
