Aaj Ka Panchang 6 December 2024 (आज का पंचांग 6 दिसंबर 2024): आज के दिन विवाह पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। विवाह पंचमी के दिन दोपहर 01 बजकर 56 मिनट से 02 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। आज के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:55 से लेकर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इस समय में पूजा करना शुभ होगा। विवाह पंचमी पर्व के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। आइए जानें आज का पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 6 December 2024 (आज का पंचांग 6 दिसंबर 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष,पर्व -वैभव लक्ष्मी व्रत
तिथि- पंचमी 12:09 pm तक फिर खष्ठी
दिवस -शुक्रवार
सूर्योदय-06:53am
सूर्यास्त-05:27pm
नक्षत्र-श्रवण 05:29 pm तक फिर धनिष्ठा
चन्द्र राशि -मकर,स्वामी -शनि
सूर्य राशि-वृश्चिक,स्वामी=मङ्गल
करण-बालव 12:09pm तक फिर कौलव
योग- ध्रुव 10:45 am तक फिर व्याघात
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:55 am से 12:29 pm तक2विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:25pm तक
3गोधुली मुहूर्त-06:21pm से 07:25pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:08am तक
5अमृत काल-06:09am से 07:40am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:43से 12:23तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:06pm तक
दिशा शूल-पश्चिम दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तकक्या करें-आज परम पवित्र शुभ मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि दिवस शुक्रवार है। वैभव लक्ष्मी व्रत रहें। आज माता लक्ष्मी जी की उपासना तिथि होती है,विध्न नाशक विनायक जी की उपासना भी साथ करें। गणपति जी संकट विनाशक हैं।आज शिवलिंग पर जलाभिषेक भी करें। इस माह निरंतर ॐ नमः शिवाय मंत्र का मानसिक जप करें। इस माह भगवान शिव की सगुण व निर्गुण दोनों उपासना अवश्य करें।आज का व्रत बहुत ही पुण्यदायी है।मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण की विधिवत उपासना होती है,भगवान कृष्ण के नाम का जप करें।आज व्रत करने से कष्ट नष्ट होते हैं,पुण्य की प्राप्ति होती है ।अन्न-वस्त्र दान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। यह उपवास फलाहारी होता है। आज शुक्र व बुध के बीज मंत्र का जप समृद्धि देगा। इस मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण के नाम का जप व संकीर्तन करने से पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है तथा भगवान कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है। श्री सूक्त का पाठ धन व समृद्धि देता है।
क्या न करें-पत्नी का अपमान मत करें। पत्नी का निरादर करने से शुक्र अच्छे फल नहीं देते जिससे जीवन में सदैव धन का अभाव रहता है।
