Aaj Ka Panchang 29 October 2026 (Karwa Chauth 2026 Panchang): करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जा रहा है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को भगवान गणेश, माता पार्वती और करवा माता की पूजा की जाती है। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। आज कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रात 10 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। यहां जानें करवा चौथ का पंचांग, सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय, पूजा के शुभ मुहूर्त और राहुकाल क्या रहने वाला है।
29 अक्टूबर का पंचांग
आज का पंचांग
29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रात 10 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पंचमी तिथि शुरू होगी। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। पूर्णिमांत गणना के अनुसार कार्तिक मास और अमांत गणना के अनुसार आश्विन मास रहेगा। आज प्रविष्टे/गते 13 है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय व चंद्रास्त का समय
आज सूर्योदय सुबह 6:31 बजे और सूर्यास्त शाम 5:38 बजे होगा। चंद्रोदय रात 8:17 बजे और चंद्रास्त सुबह 9:52 बजे होगा। करवा चौथ पर व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं। दिनमान 11 घंटे 7 मिनट 42 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 52 मिनट 59 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12:05 बजे है।
करवा चौथ पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य
करवा चौथ पर महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद व्रत शुरू करती हैं। दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को पूजा की तैयारी करें। पूजा में करवा माता, भगवान गणेश और माता पार्वती की आराधना करें। करवा चौथ की कथा सुनें या पढ़ें और पति की लंबी उम्र तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। रात में चंद्रमा के दर्शन करके जल से अर्घ्य दें। इसके बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलें। द्रिक पंचांग के अनुसार चंद्रोदय रात 8:17 बजे है। वास्तविक चंद्र दर्शन का समय स्थान और मौसम के अनुसार अलग हो सकता है।
तिथि और नक्षत्र
आज चतुर्थी तिथि रात 10:09 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। रोहिणी नक्षत्र सुबह 11:11 बजे तक रहेगा, फिर मृगशिरा नक्षत्र शुरू होगा। करवा चौथ की पूजा में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व है।
योग और करण
आज परिघ योग 30 अक्टूबर को रात 12:06 बजे तक रहेगा। इसके बाद शिव योग शुरू होगा। करण में सुबह 11:37 बजे तक बव करण रहेगा। इसके बाद रात 10:09 बजे तक बालव करण और फिर कौलव करण शुरू होगा।
चंद्र राशि और सूर्य राशि
चंद्रमा रात 10:06 बजे तक वृषभ राशि में रहेगा। इसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य तुला राशि में स्थित है और स्वाती नक्षत्र में रहेगा। करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य व्रत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
29 अक्टूबर करवा चौथ के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:48 बजे से 5:39 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:14 बजे से 6:31 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:56 बजे से 2:40 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:04 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 8:17 बजे से 9:44 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 30 अक्टूबर को रात 12:31 बजे तक
- अतिरिक्त निशिता काल: 30 अक्टूबर को रात 1:03 बजे से 2:30 बजे तक
29 अक्टूबर करवाचौथ के अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 1:28 बजे से 2:52 बजे तक
- यमगंड: सुबह 6:31 बजे से 7:54 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 9:18 बजे से 10:41 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:13 बजे से 10:58 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 2:40 बजे से 3:25 बजे तक
- वर्ज्य काल: शाम 4:17 बजे से 5:45 बजे तक
- अग्नि बाण: रात 9:19 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में सुबह 11:11 बजे तक उत्पात योग रहेगा। इसके बाद मृत्यु योग शुरू होगा। तमिल योग में सुबह 11:11 बजे तक मरण योग रहेगा और इसके बाद भी मरण योग दर्ज है। आज पूर्ण जीवन और दो नेत्र का योग है।
ऋतु और अयन
दृक गणना के अनुसार हेमंत ऋतु और वैदिक गणना के अनुसार शरद ऋतु रहेगी। सूर्य दक्षिणायन में रहेगा।
दिशा शूल और निवास
गुरुवार को दिशा शूल दक्षिण दिशा में रहेगा। चंद्र वास रात 10:06 बजे तक दक्षिण दिशा में और इसके बाद पश्चिम दिशा में रहेगा। राहु वास दक्षिण दिशा में है। नक्षत्र शूल सुबह 11:11 बजे तक पश्चिम दिशा में रहेगा। अग्निवास रात 10:09 बजे तक आकाश में रहेगा। इसके बाद पाताल में रहेगा। शिववास रात 10:09 बजे तक कैलाश पर और इसके बाद नंदी पर रहेगा। कुंभ चक्र सुबह 11:11 बजे तक उत्तर दिशा में रहेगा, इसके बाद गर्भ स्थिति रहेगी।
