Aaj ka Panchang 27 March 2025 (आज का पंचांग 27 मार्च 2025): गुरुवार का दिन ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत ही शुभ माना जाता है। ये दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति को समर्पित होता है, जो ज्ञान, धन, और समृद्धि के कारक माने जाते हैं। हिंदू धर्म में इस दिन भगवान विष्णु का व्रत-पूजन करने से करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिनकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर होता है, उन्हें इस दिन व्रत और पूजा करनी चाहिए। इस दिन पीले वस्त्र धारण करना, पीले रंग का भोजन ग्रहण करना और दान करना शुभ माना जाता है। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु का स्मरण करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। गुरुवार के दिन किसी से उधार न लें और न ही किसी को धन दें, इससे आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और तिथि से महत्वपूर्ण जानकारियों को जानने के लिए यहां देखें 27 मार्च का पंचांग।
Aaj ka Panchang 27 March 2025
आज का पंचांग 27 मार्च 2025 (Aaj ka Panchang 27 March 2025)
- संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
- माह - चैत्र, कृष्ण पक्ष,
- तिथि - चैत्र माह कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 11:05 पी.एम तक तत्पश्चात चतुर्दशी
- पर्व - त्रयोदशी व्रत
- दिवस - गुरुवार
- सूर्योदय - 06:17 ए.एम सूर्यास्त - 6:37 पी.एम
- नक्षत्र - शतभिषा
- चन्द्र राशि - कुंभ, स्वामी-शनि
- सूर्य राशि - मीन, स्वामी ग्रह-गुरु
- करण - गरज 12:26 पी.एम तक फिर वणिज
- योग - साध्य 09:23 ए.एम तक फिर शुभ
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत - 12:02 पी.एम से 12:57 पी.एम तक
- विजय मुहूर्त - 02:23 पी.एम से 03:26 पी.एम तक
- गोधुली मुहूर्त - 06:22 पी.एम से 07:22 पी.एम तक
- ब्रह्म मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:09 ए.एम तक
- अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:44 ए.एम तक
- निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:43 से 12:25 तक रात
- संध्या पूजन - 06:30 पी.एम से 07:05 पी.एम तक
दिशा शूल - दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशा शूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें। पक्षियों को दाना-पानी दें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
क्या करें - आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज लोग व्रत रहेंगे। भगवान शिव को समर्पित यह महान व्रत है। आज श्रद्धा पूर्वक त्रयोदशी का व्रत व शिव उपासना करें। आज नियम पूर्वक व्रत व दान-पुण्य करना बहुत फलित होता है। शिव परम ब्रम्ह हैं। ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। शिव पुराण का पाठ करें। सात अन्न व फलों का दान करें। शिव मंदिर परिसर में बेल, बरगद ,आम, पाकड़ व पीपल का पेड़ लगाएं। आज भगवान के नाम का संकीर्तन करें। श्री रामचरितमानस का पाठ करें। भक्ति मार्ग पर चलें। अपने घर के मंदिर में अखण्ड दीप जलाइए। हवन-पूजन करें। भगवान के नाम जो भी आपका इष्ट हो उनका निरंतर मानसिक जप करते रहें। त्रयोदशी को पार्थिव का शिवलिंग बनाकर उनका रुद्राभिषेक करें।
क्या न करें - किसी भी कीमत पर असत्य का साथ मत दें।
