आज का पंचांग (23 December 2025): आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, फिर चतुर्थी लग जाएगी। नक्षत्र श्रवण 24 दिसंबर सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, फिर धनिष्ठा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में रहेगा। योग व्याघात दोपहर 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। करण गर दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। आज रवि योग सुबह 7 बजकर 11 मिनट से 24 दिसंबर सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। यह शुभ योग है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 11 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 30 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर उदय होगा और शाम 8 बजकर 27 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 19 मिनट 14 सेकंड और रात की 13 घंटे 41 मिनट 12 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल तृतीया दोपहर 12:12 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी। नक्षत्र श्रवण 24 दिसंबर सुबह 7:07 तक, फिर धनिष्ठा। करण वणिज 24 दिसंबर रात 12:45 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत और अमान्त)। प्रविष्टे/गते 8।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
23 दिसंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:21 से 6:16 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:49 से 7:11 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:41 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:04 से 2:45 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:27 से 5:55 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:30 से 6:52 बजे तक
- अमृत काल: रात 8:02 से 9:44 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:53 बजे से 24 दिसंबर सुबह 12:48 तक
- रवि योग: सुबह 7:11 से 24 दिसंबर सुबह 7:07 बजे तक
23 दिसंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 2:55 से 4:13 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:45 से 11:03 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:20 से 1:38 बजे तक
- विडाल योग: 24 दिसंबर सुबह 7:07 से 7:11 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:15 से 9:56 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 9:48 से 11:30 बजे तक
- बाण: रोग – 24 दिसंबर सुबह 12:59 से पूरी रात तक
- भद्रा: 24 दिसंबर रात 12:45 से सुबह 7:11 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में पद्म सुबह 7:15 तक, फिर लुम्बक (24 दिसंबर सुबह 7:07 तक), फिर उत्पात। तमिल योग में सिद्ध सुबह 7:15 तक, फिर मरण (24 दिसंबर सुबह 7:07 तक), फिर मरण। जीवनम में अर्ध जीवन, नेत्रम में नेत्रहीन।
निवास और शूल
होमाहुति बुध को। दिशा शूल उत्तर दिशा में – उत्तर की यात्रा टालें। अग्निवास पृथ्वी में। चंद्र वास दक्षिण में। शिववास दोपहर 12:12 तक सभा में, फिर क्रीड़ा में। राहु वास पश्चिम, कुंभ चक्र पूर्व में।
