आज पौष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी शाम 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगी, फिर पूर्णिमा लग जाएगी। नक्षत्र मृगशिरा शाम 8 बजकर 4 मिनट तक रहेगा, फिर आर्द्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा वृषभ राशि में सुबह 9 बजकर 25 मिनट तक रहेगा, उसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। योग शुक्ल दोपहर 1 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। करण वणिज शाम 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। आज रवि योग सुबह 7 बजकर 14 मिनट से शाम 8 बजकर 4 मिनट तक रहेगा ।
2 जनवरी का पंचांग
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 36 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 4 बजकर 18 मिनट पर उदय होगा और 3 जनवरी सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर अस्त होगा। दिन की लंबाई 10 घंटे 21 मिनट 56 सेकंड और रात की 13 घंटे 38 मिनट 16 सेकंड रहेगी।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल चतुर्दशी शाम 6:53 तक, फिर शुक्ल पूर्णिमा। नक्षत्र मृगशिरा शाम 8:04 तक, फिर आर्द्रा। करण विष्टि 3 जनवरी सुबह 5:11 तक।
चंद्र मास और संवत
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु, गुजराती संवत 2082 पिंगल। चंद्र मास पौष (पूर्णिमांत और अमान्त)। प्रविष्टे/गते 18।
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु शिशिर, वैदिक ऋतु हेमंत, द्रिक अयन उत्तरायण, वैदिक अयन दक्षिणायन।
2 जनवरी का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:25 से 6:20 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:52 से 7:14 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 से 12:46 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:09 से 2:50 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:33 से 6:01 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:36 से 6:58 बजे तक
- अमृत काल: रात 12:16 से 1:41 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:58 बजे से 3 जनवरी सुबह 12:53 तक
- रवि योग: सुबह 7:14 से शाम 8:04 बजे तक
2 जनवरी का अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 11:07 से दोपहर 12:25 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 3:01 से 4:18 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 8:32 से 9:50 बजे तक
- आडल योग: सुबह 7:14 से 8:04 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 9:19 से 10:00 बजे तक
- वर्ज्य: 3 जनवरी सुबह 3:33 से 4:59 बजे तक
- बाण: रोग – शाम 8:33 तक
- भद्रा: शाम 6:53 से 3 जनवरी सुबह 5:11 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में मानस शाम 8:04 तक, फिर पद्म। तमिल योग में अमृत शाम 8:04 तक, फिर सिद्ध। जीवनम में पूर्ण जीवन, नेत्रम में दो नेत्र।
निवास और शूल
होमाहुति चंद्र को। दिशा शूल पश्चिम दिशा में – पश्चिम की यात्रा टालें। अग्निवास शाम 6:53 तक आकाश में, फिर पाताल में। चंद्र वास सुबह 9:25 तक दक्षिण में, फिर पश्चिम में। शिववास शाम 6:53 तक भोजन में, फिर श्मशान में। राहु वास दक्षिण-पूर्व, कुंभ चक्र पश्चिम में।
आज मृगशिरा नक्षत्र और चंद्रमा वृषभ से मिथुन में होने से बुद्धि, यात्रा और व्यापार में सफलता मिलेगी। शुक्रवार होने से माँ लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं, श्री सूक्त पढ़ें और सफेद वस्त्र-चावल दान करें। धन-सुख में वृद्धि होगी।
