Aaj Ka Panchang 19 March 2025 (आज का पंचांग 19 मार्च 2025): बुधवार का दिन हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में अति महत्वपूर्ण माना जाता है। ये दिन बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है, जो बुद्धि, तर्क, संवाद, गणित, वाणिज्य और व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है। इस दिन भगवान गणपति की आराधना करने से विशेष लाभ मिलता है, क्योंकि वे विघ्नों को हरते हैं और बुद्धि प्रदान करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करने, मोदक का भोग लगाने और "ॐ बुं बुधाय नमः" मंत्र का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। ज्योतिषीय दृष्टि से, जिनकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है, उन्हें इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इस दिन हरे रंग के वस्त्र धारण करना और धन का दान करना ही अत्यंत शुभ माना जाता है। ये दिन व्यापार, लेखन, शिक्षा और बौद्धिक कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है। ऐसे में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और तिथि से जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए यहां पढ़ें आज का पंचांग।
Aaj Ka Panchang 19 March 2025
आज का पंचांग 19 मार्च 2025 (Aaj Ka Panchang 19 March 2025)
संवत - पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-चैत्र,कृष्ण पक्ष,
तिथि - चैत्र माह कृष्ण पक्ष पंचमी
पर्व - पंचमी व्रत
दिवस - बुधवार
सूर्योदय - 06:26 ए.एम सूर्यास्त - 6:32 पी.एम
नक्षत्र - विशाखा 08:51 ए.एम तक फिर अनुराधा
चन्द्र राशि - तुला राशि, स्वामी ग्रह-शुक्र 02:06 पी.एम तक पुनः वृश्चिक, स्वामी ग्रह-मंगल
सूर्य राशि - मीन, स्वामी ग्रह-गुरु
करण - कौलव 11:25 ए.एम तक तत्पश्चात तैतिल
योग - हर्षण 05:49 पी.एम तक फिर वज्र
आज के शुभ मुहूर्त 19 मार्च 2025
अभिजीत - नहीं है।
विजय मुहूर्त - 02:25 पी.एम से 03:25 पी.एम
गोधुली मुहूर्त - 06:25 पी.एम से 07:21 पी.एम तक
ब्रम्ह मुहूर्त - 4:03 ए.एम से 05:07 ए.एम तक
अमृत काल - 06:03 ए.एम से 07:46 ए.एम तक
निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:42 से 12:26 तक
संध्या पूजन - 06:26 पी.एम से 07:04 पी.एम तक
दिशा शूल - पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशा शूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें। पक्षियों को दाना-पानी दें।
अशुभ मुहूर्त - राहुकाल - दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक
क्या करें - आज चैत्र माह कृष्ण पक्ष पंचमी है। मंगलकारी दिवस है। भगवान गणेश की उपासना का व्रत है। दान-पुण्य करें। भगवान गणपति ध्यान व पूजा बहुत फलित होती है। बुध के बीज मंत्र का जप करें। बटुक भैरो स्तोत्र का पाठ करें। उड़द दान करें। जो लोग स्वास्थ्य से परेशान हैं वो कुशोदक से शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करें। सात अन्न का दान करें।
क्या न करें - वाणी अप्रिय न हो जिससे किसी का मन मर्माहत हो।
