Aaj Ka Panchang 16 August 2024: सावन मास की पुत्रदा एकादशी के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 55 मिनट से लेकर 12 बजकर 45 मिनट तक रहने वाला है। इस मुहूर्त में पूजा करना शुभ रहेगा। आज के दिन राहुकाल का समय प्रातःकाल 10:30 बजे से 12 बजे तक रहेगा। राहुकाल में कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। पुत्रदा एकादशी के दिन संध्या पूजन का मुहूर्त 06:20 pm से 07:20pm तक रहेगा। अब आइए जानें पूरा पंचांग।
Aaj Ka Panchang 16 August 2024 (आज का पंचांग 16 अगस्त 2024)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-श्रावण ,शुक्ल पक्ष
तिथि-एकादशी
व्रत व पर्व- श्रावण एकादशी व्रत
दिवस-शुक्रवार
सूर्योदय-05:43am
सूर्यास्त-07:01pm
नक्षत्र- मूल
चन्द्र राशि- धनु,स्वामीग्रह-बृहस्पति
सूर्य राशि-सिंह ,स्वामी -सूर्य
करण- वणिज
योग: - विष्कुम्भ
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:55am से 12:42 pm2विजय मुहूर्त-02:21pm से 03:25 pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:23pm से 07:26 pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:09am तक
5अमृत काल-06:05am से 07;55am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:52से 12:43 तक रात
संध्या पूजन-06:20 pm से 07:20pm तक
दिशा शूल -दक्षिण दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-प्रातःकाल 10:30 बजे से 12 बजे तकक्या करें-आज श्रावण माह का एकादशी का पावन दिवस है। भगवान विष्णु जी की उपासना करें। व्रत रहें। आज पितृ दोष का उपाय भी करें। श्रावण माह का व्रत करें। सत्य पर ध्यान दें। शिवपुराण कहें या श्रवण करें।आज गन्ने के रस से शिव लिंग का रुद्राभिषेक करें। घर मे नर्मदेश्वर या पारद शिवलिंग रखें व उनकी उपासना करें।श्रावण माह में भगवान शिव व माता दुर्गा जी को प्रसन्न करना सहज भक्ति भाव से ही आसान हो जाएगा आज बहुत पवित्र तिथि है। सप्तश्लोकी दुर्गा का पाठ करें। शिवलिंग की उपासना करें। दुर्गासप्तशती का पाठ भी करें। अन्न व फलों का दान करे।शिव मंदिर परिसर में बेल व पीपल का पेड़ लगाएं। आज मीठे जल से रुद्राभिषेक करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं।मधु से रुद्राभिषेक करने से धन,सम्पदा व ऐश्वर्य का सुआगमन होता है। श्रावण माह में तीर्थ करें। पार्थिव का शिवलिंग बनाकर पूजन करें। घर मे पारद का शिवलिंग लाकर उनकी उपासना व जलाभिषेक से भगवान शिव की अनन्य भक्ति प्राप्त होगी। धार्मिक पुस्तकों का दान करें। एकादशी को व्रत रहने वाले श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ अवश्य करें।
क्या न करें-आज चावल मत खाएं।
