Aaj Ka Iftar Time 27 May 2026 : 27 मई 2026 को यौमे अराफात का रोज़ा रखा जा रहा है। इस्लाम में अराफात का दिन बेहद मुकद्दस माना जाता है। यह दिन हज के सबसे अहम दिनों में शामिल होता है। माना जाता है कि इस दिन की गई इबादत, तौबा और दुआ को अल्लाह खास तौर पर कबूल फरमाते हैं। जो लोग हज पर नहीं जा पाते, उनके लिए अराफात का रोज़ा रखना बहुत फजीलत वाला माना जाता है। हदीस के अनुसार, अराफात का रोज़ा पिछले और आने वाले एक साल के गुनाहों की माफी का जरिया बन सकता है।
इफ्तार का सटीक समय
आज यानी 27 मई को सूर्यास्त शाम 7 बजकर 12 मिनट पर होगा। इसी समय रोज़ेदार इफ्तार करेंगे। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, सूर्यास्त होते ही रोज़ा खोल लेना सुन्नत माना गया है। इफ्तार में सबसे पहले खजूर या पानी से रोज़ा खोलना बेहतर बताया गया है।
आज का इफ्तार टाइम
आज 27 मई 2026 को कई शहरों में इफ्तार का समय करीब शाम 7 बजकर 12 मिनट के आसपास रहेगा। अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। आइए जानते हैं देश के विभिन्न प्रसिद्ध शहरों का इफ्तार टाइम क्या रहेगा।
| शहर | इफ्तार का समय |
|---|---|
| दिल्ली | शाम 7:16 बजे |
| मुंबई | शाम 7:11 बजे |
| लखनऊ | शाम 6:58 बजे |
| कानपुर | शाम 7:00 बजे |
| वाराणसी | शाम 6:52 बजे |
| प्रयागराज | शाम 6:57 बजे |
| पटना | शाम 6:38 बजे |
| जयपुर | शाम 7:23 बजे |
| भोपाल | शाम 7:05 बजे |
| इंदौर | शाम 7:10 बजे |
| अहमदाबाद | शाम 7:24 बजे |
| सूरत | शाम 7:20 बजे |
| पुणे | शाम 7:08 बजे |
| नागपुर | शाम 6:51 बजे |
| हैदराबाद | शाम 6:47 बजे |
| बेंगलुरु | शाम 6:34 बजे |
| चेन्नई | शाम 6:23 बजे |
| कोलकाता | शाम 6:12 बजे |
| रांची | शाम 6:30 बजे |
| रायपुर | शाम 6:42 बजे |
| चंडीगढ़ | शाम 7:19 बजे |
| श्रीनगर | शाम 7:39 बजे |
| जम्मू | शाम 7:27 बजे |
| देहरादून | शाम 7:10 बजे |
| अमृतसर | शाम 7:24 बजे |
| लुधियाना | शाम 7:21 बजे |
| मेरठ | शाम 7:13 बजे |
| अलीगढ़ | शाम 7:09 बजे |
| गोरखपुर | शाम 6:51 बजे |
| गुवाहाटी | शाम 5:58 बजे |
| कोझिकोड | शाम 6:40 बजे |
| कोच्चि | शाम 6:38 बजे |
| तिरुवनंतपुरम | शाम 6:32 बजे |
इफ्तार के समय पढ़ें ये दुआ
“अल्लाहुम्मा इन्नी लका सुमतु, व-बिका आमन्तु, व-अलयका तवक्कालतु, व अला रिज़किका अफतरतू।”
तर्जुमा- हे अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया, तुझ पर भरोसा किया और तेरी दी हुई रोजी से रोज़ा खोला।
अरबी में दुआ-
“اللَّهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَى رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ”
“Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizq-ika-aftartu.”
तर्जुमा- हे अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया, तुझ पर भरोसा किया और तेरी दी हुई रोजी से रोज़ा खोला।
इफ्तार का सही तरीका क्या है
मग़रिब की अज़ान होते ही इफ्तार करना चाहिए। सबसे पहले “बिस्मिल्लाह” पढ़कर खजूर या पानी से रोज़ा खोलें। इसके बाद इफ्तार की दुआ पढ़ें। फिर हल्का भोजन करें और मग़रिब की नमाज अदा करें। इस दौरान जरूरतमंदों को खाना खिलाना और पानी पिलाना भी बहुत पुण्य का काम माना जाता है।
अराफात के रोज़े का महत्व
यौमे अराफात इस्लाम में रहमत और मगफिरत का दिन माना जाता है। इसी दिन हाजी अराफात के मैदान में वुकूफ करते हैं और अल्लाह से दुआ मांगते हैं। माना जाता है कि इस दिन अल्लाह अपने बंदों पर खास रहमत बरसाते हैं। इसलिए रोज़ेदार पूरे दिन इबादत, कुरान शरीफ की तिलावत और दुरूद शरीफ पढ़ते हैं।
इफ्तार के समय क्या दुआ मांगें
इफ्तार के समय अपने गुनाहों की माफी, घर में बरकत, सेहत, रोजी और पूरी उम्मत की सलामती की दुआ करनी चाहिए। इस समय मांगी गई दुआ को खास अहमियत दी जाती है। इस्लामिक मान्यता के अनुसार, रोज़ेदार की दुआ इफ्तार के वक्त रद्द नहीं होती।
