Tips for Worship: आचमन का जल कहलाता है अमृत, जानिए धार्मिक कार्यों में आचमन की भूमिका क्यों है महत्वपूर्ण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 1, 2023, 11:02 PM IST

Tips For Worship: पूजा करते समय हाथ में चम्मच से जल लेकर आचमन किया जाना सनातन धर्म में महत्वपूर्ण होता है। आचनम के विधान को विविध शास्त्रों में बताया गया है। कब, कैसे और क्यों जरूरी है आचमन का उपयोग करना आइये इस बारे में देते हैं आपको विस्तृत जानकारी।

KEY HIGHLIGHTS
  • चम्मच द्वारा थाेड़ा−थोड़ा जल पीना देता है लाभ
  • एक विशेष मुद्रा द्वारा आचमन करने का है विधान
  • आचमन के लिए बाएं हाथ की गोकर्ण मुद्रा रखें

Tips For Worship: ज्यादातर आपने देखा होगा कि जब कभी मंदिर या घर में पूजा करते हैं तो घर के बुजुर्ग या पंडित हाथ में चम्मच द्वारा थाेड़ा थाेड़ा जल देते हैं और कहते हैं कि आचमन कीजिए। आचमन, शब्द क्या है और ये क्यों जरूरी होता है। इस बारे में शास्त्रों के आधार पर जानकारी ये है।

Tips for Worship आचमन का जल कहलाता है अमृत

पूजा-पाठ में आचमन की भूमिका

आचमन महत्वपूर्ण क्यों

आचमन सभी प्रकार के कर्माें एवं निष्काम कर्म का महत्वपूण अंग है। केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि आरोग्य शास्त्र की दृष्टि से भी आचमन का असाधारण महत्व है। चम्मच द्वारा थाेड़ा− थाेड़ा पानी पीते रहने से जो लाभ प्राप्त होते हैं वो गिलास, लोटा आदि से प्राप्त नहीं हो सकते है। चम्मच से थाेड़ा थाेड़ा जल पीना व्याधि नाशक बनता है।

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