27 September 2024 Panchang (27 सितंबर 2024 आज का पंचांग): आश्विन माह की दशमी तिथि के दिन दशमी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। आज के दिन सूर्योदय सुबह 06:15 पर होगा और सूर्यास्त शाम के 6 बजकर 2 मिनट पर होगा। शुक्रवार के दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा। आज के दिन अभिजीत-11:54 am से 12:37 pm तक रहेगा। राहुकाल का समय प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। आइए जानें अब पूरा पंचांग।
27 September 2024 Panchang (27 सितंबर 2024 आज का पंचांग)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081माह-आश्विन ,कृष्ण पक्ष
तिथि- अष्टमी व्रत- पितृ पक्ष श्राद्ध दशमी ,वैभव लक्ष्मी व्रत
दिवस-शुक्रवार
सूर्योदय-06:15am
सूर्यास्त-06:02pm
नक्षत्र- पुष्य
चन्द्र राशि -कर्क,- स्वामी ग्रह-चन्द्रमा
सूर्य राशि- कन्या राशि,स्वामी ग्रह -बुध
करण= वणिज
योग:- शिव
शुभ मुहूर्त
1अभिजीत-11:54 am से 12:37 pm तक
2विजय मुहूर्त-02:23pm से 03:23 pm तक
3गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:25 pm तक
4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:06m से 05:05am तक
5अमृत काल-06:08am से 07;42am तक
6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:45 से 12:21तक रात
संध्या पूजन-06:26 pm से 07:05pm तक
दिशा शूल -पश्चिम व दक्षिण पश्चिम दिशा ।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल-प्रातःकाल 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तकक्या करें-आश्विन माह कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। पितृ पक्ष चल रहा है। आज दशमी श्राद्ध दिवस है। पितरों का श्राद्ध अवश्य करें। आज वैभव लक्ष्मी व्रत रख सकते हैं। भगवान विष्णु जी की उपासना करें। विष्णु जी पालनकर्ता, संकटहर्ता हैं। उनकी भक्ति कल्याणकारी हैं। वह संकटों का नाश करते हैं। विष्णु जी की उपासना से सभी ग्रह प्रसन्न रहते हैं। सुबह मन्दिर में भगवान विष्णु जी के दर्शन के बाद दिन भर उपवास में उनकी उपासना की जाती है। आज संकल्प करें कि हम धार्मिक ज्ञान प्राप्त करेंगे। अच्छे मार्ग पर चलेंगे। सायंकाल भोजन वो भी फलाहार व्रत रखते हैं।श्री कृष्ण उपासना करें। आज आपका भोजन फलाहारी हो।कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान कराएं। श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। भगवान का संकीर्तन करें। पितृ पक्ष में नियमित पितरों का श्राद्ध करें । गाय को रोटी,गुड़ व भोजन दें।कौवे को नित्य भोजन दें। श्राद्ध पक्ष में नियमित तर्पण करें व तिथि के दिन श्राद्ध अवश्य करें। पिता ,माता ,गुरु व बड़े भाई का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। गीता का नियमित पाठ अत्यंत लाभ करेगा। आज विष्णु जी के मन्दिर में उनको तुलसी दल अर्पित करें तथा भगवान के विग्रह की 04 परिक्रमा करें। जो लोग वैभव लक्ष्मी व्रत रखते हैं वह सांयकाल खीर का भोग माता को अर्पित करेंगे। यह व्रत बहुत ही धन व ऐश्वर्य प्रदान करता है।
क्या न करें-पत्नी का निरादर मत करें। पत्नी की बात मानें,उसको सम्मान दें व प्रेम से रहें। पत्नी को महत्व देने से शुक्र का प्रभाव बेहतर होता है।
