21 दिसंबर की दोपहर 2 बजे बन गया दुर्लभ संयोग, राहु की परेशानी से मिलेगी मुक्ति

Rahu dosh kaise shant kare: 21 दिसंबर की दोपहर 2 बजे एक दुर्लभ संयोग बन गया है। अभी गुप्त नवरात्रि चल रही हैं और इस दौरान शतभिषा नक्षत्र में चंद्रमा पहुंच गए हैं। इस दौरान चंद्रमा राहु के साथ कुंभ राशि में उपस्थित होंगे। शतभिषा नक्षत्र के स्वामी भी राहु हैं। इस कारण अगर इस समय पर पूजन किया जाए तो राहु से संबंधित परेशानियों से छुटकारा पाया जा सकता है। ऐसे में अगर आपकी कुंडली में राहु अशुभ फल प्रदान कर रहा है या राहु की महादशा है तो आप गुप्त नवरात्रि पर पूजन कर सकते हैं।

Rahu dosh kaise shant kare: 21 जनवरी 2026 को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट पर शतभिषा नक्षत्र लग जाएगा। यह नक्षत्र राहु का माना जाता है और खास बात यह है कि इस समय गुप्त नवरात्रि भी चल रही होगी। गुप्त नवरात्रि शक्ति साधना का विशेष समय होती है और इसी दिन मां त्रिपुर सुंदरी का पूजन भी किया जाएगा। जब राहु के नक्षत्र में शक्ति की उपासना का यह पवित्र काल आता है, तो इसे ज्योतिष और साधना दोनों ही दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

गुप्त नवरात्रि पर राहु से मुक्ति के लिए पूजन

गुप्त नवरात्रि पर राहु से मुक्ति के लिए पूजन

शतभिषा नक्षत्र का राहु से संबंध क्यों है खास?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु है। राहु भ्रम, मानसिक अस्थिरता, भय, अचानक आने वाली समस्याओं और नकारात्मक सोच से जुड़ा माना जाता है। जब यह नक्षत्र प्रभावी होता है, तो जिन लोगों की कुंडली में राहु कमजोर या अशुभ स्थिति में होता है, उन्हें मानसिक तनाव, निर्णय में कन्फ्यूजन और अनजानी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में राहु को शांत करने के उपाय अधिक प्रभावी माने जाते हैं।

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