Lucky Zodiac Signs 18 July 2026 : वैदिक ज्योतिष के अनुसार 18 जुलाई 2026 का दिन कई महत्वपूर्ण ग्रह-नक्षत्रों के कारण विशेष फलदायी माना जा सकता है। इस दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शाम 6 बजे तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र आरंभ होगा। दिन में वरीयान योग रात 8 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, इसके बाद परिघ योग प्रारंभ हो जाएगा। वहीं बव करण शाम 4 बजकर 6 मिनट तक रहेगा, उसके बाद बालव करण लगेगा।
18 जुलाई किन राशि वालों के लिए लकी रहेगा
ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो सिंह राशि में चंद्रमा, शुक्र और केतु की युति रहेगी। कर्क राशि में सूर्य और गुरु विराजमान रहेंगे। मिथुन राशि में बुध, वृषभ राशि में मंगल, मीन राशि में शनि तथा कुंभ राशि में राहु स्थित रहेंगे। चंद्रमा और शुक्र की युति आकर्षण, रचनात्मकता और आर्थिक अवसरों को बढ़ाने वाली मानी जाती है, जबकि सूर्य-गुरु का प्रभाव ज्ञान, प्रतिष्ठा और निर्णय क्षमता को मजबूत करता है। हालांकि केतु की उपस्थिति भावनात्मक अस्थिरता भी ला सकती है, इसलिए विवेक से काम लेना आवश्यक रहेगा। इन ग्रह स्थितियों के आधार पर कुछ राशियों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ रहने की संभावना है।
मेष राशि
मेष राशि के लिए सिंह राशि का गोचर पंचम भाव को सक्रिय करेगा। पंचम भाव शिक्षा, संतान, बुद्धि, प्रेम संबंध और रचनात्मक कार्यों का प्रतिनिधित्व करता है। चंद्रमा और शुक्र की युति विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों और क्रिएटिव क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए नई सफलता के संकेत दे रही है। सूर्य और गुरु का चतुर्थ भाव में होना संपत्ति, पारिवारिक सुख और करियर की स्थिरता बढ़ाएगा। निवेश संबंधी निर्णय भी सोच-समझकर लिए जाएं तो लाभ मिलने की संभावना रहेगी। इस दिन सूर्य को जल अर्पित करें और श्रीसूक्त का पाठ करें, इससे भाग्य का सहयोग और अधिक मजबूत होगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए बुध अपनी ही राशि में स्थित होने से बुद्धि, वाणी और निर्णय क्षमता मजबूत रहेगी। सिंह राशि का प्रभाव तृतीय भाव पर पड़ेगा, जिससे साहस, संचार कौशल, मार्केटिंग, मीडिया, लेखन और डिजिटल क्षेत्र में कार्य करने वालों को लाभ मिलेगा। सूर्य और गुरु द्वितीय भाव में रहकर आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। रुका हुआ धन मिलने की संभावना रहेगी और परिवार में शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। भगवान गणेश की पूजा करें, हरे मूंग का दान करें और 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का जाप करें, इससे करियर और आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह दिन सबसे अधिक प्रभावशाली रह सकता है क्योंकि चंद्रमा, शुक्र और केतु का गोचर आपकी ही राशि में होगा। लग्न भाव सक्रिय होने से व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा, समाज में सम्मान मिलेगा और लोगों पर आपकी बातों का प्रभाव पड़ेगा। शुक्र करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर दे सकता है, जबकि चंद्रमा मानसिक ऊर्जा बढ़ाएगा। केतु के कारण आध्यात्मिक रुचि भी बढ़ सकती है, लेकिन भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचना होगा। मीडिया, कला, फैशन, राजनीति, शिक्षा और बिजनेस से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। यदि आप भगवान शिव और माता लक्ष्मी की पूजा करें तथा सफेद मिठाई का दान करें तो इस दिन के शुभ फल और अधिक बढ़ सकते हैं।
तुला राशि
तुला राशि के लिए सिंह राशि एकादश भाव में स्थित है, जो आय, लाभ, इच्छापूर्ति और बड़े संपर्कों का भाव है। चंद्रमा और शुक्र की युति आर्थिक लाभ, नए व्यापारिक अवसर और प्रभावशाली लोगों से मुलाकात के योग बना सकती है। यदि लंबे समय से कोई आर्थिक योजना रुकी हुई थी तो उसमें गति मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा और व्यापारियों को नए ग्राहक मिल सकते हैं। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें, सुगंधित पुष्प अर्पित करें और कन्याओं को मीठा भोजन कराएं, इससे आर्थिक उन्नति के योग मजबूत होंगे।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए सिंह राशि नवम भाव में स्थित है। नवम भाव भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, गुरु और लंबी यात्राओं का भाव माना जाता है। चंद्रमा और शुक्र की युति भाग्य में वृद्धि करा सकती है तथा धार्मिक कार्यों, विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा और करियर में नए अवसर प्रदान कर सकती है। सूर्य और गुरु अष्टम भाव में रहकर शोध, गूढ़ विषयों और रुके हुए कार्यों में सफलता दिला सकते हैं। जो लोग सरकारी परीक्षाओं, शोध या आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े हैं, उनके लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। भगवान विष्णु की पूजा करें, पीले वस्त्र धारण करें और किसी योग्य ब्राह्मण को फल का दान करें, इससे शुभ परिणामों में वृद्धि होगी।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
