1 August 2024 Panchang: पंचांग अनुसार 1 अगस्त को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इसी के साथ इस दिन कामिका एकादशी व्रत का पारण भी किया जाएगा। दोपहर 3 बजकर 30 मिनट के बाद से त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। नक्षत्र मृगशिरा सुबह 10:23 तक इसके बाद आद्रा लग जाएगा। अभिजित मुहूर्त 11:55am से 12:47 pm तक रहेगा। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।
1 August 2024 Panchang
प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 2024 (Pradosh Vrat Puja Muhurat 2024)
1 अगस्त को प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 12 मिनट से रात 09 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा बेहद शुभ फलदायी मानी जाती है।01 अगस्त 2024 Panchang (1 August 2024 Panchang)
संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-श्रावण, कृष्ण पक्ष
तिथि-- द्वादशी 03:30 pm तक फिर त्रयोदशी
व्रत- प्रदोष व्रत, एकादशी व्रत का पारण
दिवस-गुरुवार
सूर्योदय-05:34am
सूर्यास्त-07:16pm
नक्षत्र- मृगशिरा 10:23am तक फिर आद्रा
चन्द्र राशि- मिथुन,स्वामीग्रह-बुध
सूर्य राशि- कर्क ,स्वामी -चन्द्रमा
करण-तैतिल03:29 pm तक फिर गरज
योग- व्याघात 22:52pm तक फिर हर्षण
कामिका एकादशी व्रत पारण समय 2024 (Kamika Ekadashi Vrat Parana Time 2024)
1 अगस्त को कामिका एकादशी व्रत का पारण समय सुबह 05 बजकर 43 मिनट से सुबह 08 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
1 अगस्त 2024 शुभ मुहूर्त (1 August 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत-11:55 am से 12:47 pm
विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:27 pm तक
गोधुली मुहूर्त-06:33 pm से 07:24 pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त-4:09m से 05:09am तक
अमृत काल-06:07am से 07:56am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:55 से 12:41 तक
संध्या पूजन- 06:23 pm से 07:25pm तक
दिशा शूल- उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त- राहुकाल - दोपहर12 बजे से 01:30 बजे तक
क्या करें-क्या ना करें- एकादशी का पारण करें। दुग्ध से शिव लिंग का रुद्राभिषेक करें। घर मे नर्मदेश्वर या पारद शिवलिंग रखें व उनकी उपासना करें। सुंदरकांड का पाठ करें।श्रावण माह में भगवान शिव व माता दुर्गा जी को प्रसन्न करना सहज भक्ति भाव से ही आसान हो जाएगा आज बहुत पवित्र तिथि है। श्रावण बहुत पावन माह है। दिन भर व्रत रहें। भगवान शिव जी की उपासना करें। शिवलिंग की उपासना करें। दुर्गासप्तशती का पाठ भी करें। फलों का दान करे।शिव मंदिर परिसर में बरगद, पीपल व बेल का पेड़ लगाएं। आज रुद्राभिषेक करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं। आज रुद्राभिषेक करने से धन, सम्पदा व ऐश्वर्य का सुआगमन होता है। श्रावण माह में मास परायण करें।मतलब एक माह में सम्पूर्ण श्री रामचरितमानस का पाठ पूर्ण कर तत्पश्चात हवन करें। चने की दाल के दान का बहुत महत्व है। माता -पर निंदा से बचें।
