Sarkari Naukri 2024: सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले युवाओं के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अहम घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही चतुर्थ श्रेणी के पदों पर बंपर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी की भर्ती के नियमों में परिवर्तन कर इन पदों पर भर्ती की जाएगी। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि युवाओं की स्किलिंग एवं अप्रेंटिसशिप के लिए पीएम पेकेज के अंतर्गत प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को राजस्थान विनियोग एवं वित्त विधेयक पर चर्चा के प्रत्युत्तर के दौरान गत सरकार में गठित कर्मचारी वेतन विसंगति परीक्षण समिति की सिफारिशों को लागू करने, पुलिस, आरएसी, जेल प्रहरी, वन रक्षक में अग्निवीर युवाओं को नियुक्ति का प्रावधान, भरतपुर एवं बीकानेर में विकास प्राधिकरण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
Bhajan Lal Sharma, CM, Rajasthan
सीईटी के प्रावधानों में बदलाव
उन्होंने सीईटी के प्रावधानों में बदलाव करते हुए क्वालीफिकेशन हेतु सभी श्रेणियों के लिए न्यूनतम अंक 40 प्रतिशत एवं एससी-एसटी के लिए 35 प्रतिशत अंक किये जाने की घोषणा की। उन्होंने कालवाड़, बनीपार्क (जयपुर) सहित 6 नवीन महाविद्यालयों, 3 नवीन कन्या महाविद्यालयों, बालाहेड़ा (महवा-दौसा) में कृषि महाविद्यालय, 2 पॉलिटेक्निक एवं एक महिला पॉलिटेक्निक सहित शिक्षा के विस्तार की दृष्टि से कई महत्वूपर्ण घोषणाएं भी की।
ढाई लाख युवाओं को अप्रेंटिसशिप का लाभ
युवाओं की स्किलिंग एवं अप्रेंटिसशिप के लिए पीएम पेकेज के अंतर्गत प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने भर्तियों में लगने वाले समय को कम करने के उद्देश्य से दस्तावेज सत्यापन विभागीय स्तर पर कराये जाने एवं विज्ञप्ति उपरांत रिक्तियों की संख्या में 50 प्रतिशत वृद्धि के प्रावधान को बढ़ाकर 100 प्रतिशत किये जाने की घोषणा की।
45 हजार से अधिक भर्तियां, 20 हजार युवाओं को मिली नौकरी
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अल्प अवधि में 45 हजार से अधिक पदों के लिए भर्तियों के विज्ञापन प्रकाशित किये हैं। लगभग 20 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी भी प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) के लिए भी कोई एमओयू नहीं किया गया। साथ ही, यमुना जल समझौते के लिए एक मांग पत्र भी नहीं लिखा गया। वहीं हमने प्रदेशहित में इन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया।
