Gwalior News: मासूम को ढूंढने में पुलिन नाकाम...गिरगांव मजिस्ट्रेट महादेव की शरण में पहुंचे पीड़ित परिजन; महापंचायत में लिया ये संकल्प

गिरगांव मजिस्ट्रेट महादेव मंदिर में महापंचायत हुई है और उसमें अपने दोनों भाइयों की कसम ली है अगर इसमें उनकी कोई भूमिका हो तो उन्हें तुरंत सजा मिले। ज्योति का आगे कहना है कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है, इसलिए उनको कोई डर भी नहीं है।

ग्वालियर : 31 दिनों तक लापता 4 वर्षीय मासूम को जब ग्वालियर पुलिस नहीं ढूंढ पाई तो परेशान परिजनों ने गिरगांव मजिस्ट्रेट महादेव की शरण ली है। धारणा है कि जो भी व्यक्ति महादेव की शरण में आता है और न्याय की गुहार लगाता है, उसे महादेव की अदालत से न्याय अवश्य मिलता है।

Gwalior Child Missing Case.

ग्वालियर में 4 वर्षीय मासूम लापता

मासूम को ढूंढने में परिवार परेशान

दरअसल, 1 नवंबर को मुरार थाना अंतर्गत मोहनपुर गांव में अपने नाना के घर से 4 वर्षीय मासूम रितेश पाल संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। रितेश अपनी मां सपना के साथ ननिहाल में रहता था। जबकि सपना पिछले 6 माह से अपने पति दलबीर सिंह से अलग मायके में रह रही है। दलबीर चंदन नगर निवासी है और पति पत्नी में किसी बात को लेकर विवाद है। रितेश के लापता होने के बाद पुलिस ने तफ्तीश के दौरान सपना सहित उसके मायके पक्ष और ससुराल पक्ष से हर संभव पूछताछ की थी। लेकिन नतीजा शून्य रहा था। इससे पहले पुलिस ने मोहनपुर गांव में सपना के मायके के पीछे स्थित समूचे जंगल में एक विशेष अभियान चलाकर सर्चिंग भी की थी और रितेश को तलाशने का प्रयास किया था, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इस दौरान पुलिस तकनीकी साक्ष्यों की जांच के साथ रितेश के माता - पिता के रिश्तेदारों के घर भी रितेश को तलाशा था। बाबजूद इसके लापता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी।

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