World Liver Day: हम अक्सर दोस्तों के बीच या दिनभर की थकान के बाद ये सोचकर एक पैग ले लेते हैं कि 'थोड़ा-सा ही तो है, इससे क्या फर्क पड़ेगा।' लेकिन यही 'थोड़ा-सा' धीरे-धीरे बड़ी परेशानी बन सकता है। विश्व लिवर दिवस के मौके पर अमृता अस्पताल फरीदाबाद के लिवर रोग और ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. शलीन अग्रवाल समझाते हैं कि रोजाना शराब पीने की आदत लीवर को चुपचाप नुकसान पहुंचाती है। दिक्कत ये है कि शुरू में कोई दर्द या बड़ा संकेत नहीं मिलता, इसलिए लोग इसे हल्के में लेते रहते हैं। जब तक बीमारी पकड़ में आती है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। इसलिए जरूरी है कि हम इस साइलेंट खतरे को समय रहते समझें।
एक घूंट शराब भी लिवर के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है
रोज थोड़ा-थोड़ा पीना क्यों बन जाता है आदत (Alcohol Health Risk)
डॉ. शलीन अग्रवाल बताते हैं कि कई लोग ये मान लेते हैं कि रोज थोड़ा पीना नुकसान नहीं करता। लेकिन असल में जब ये रोज की आदत बन जाती है, तो लीवर को आराम मिलने का मौका ही नहीं मिलता। यही लगातार दबाव आगे चलकर समस्या बन जाता है।
लीवर के अंदर क्या होता है?
जब आप शराब पीते हैं, तो लीवर उसे तोड़ने का काम करता है। इस प्रक्रिया में कुछ हानिकारक तत्व बनते हैं, जैसे एसिटाल्डिहाइड, जो लीवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। धीरे-धीरे सूजन बढ़ती है और लीवर कमजोर होने लगता है।
फैटी लिवर से शुरू होता है सफर
शुरुआत अक्सर फैटी लिवर से होती है, जो कुछ हफ्तों में ही विकसित हो सकता है। अच्छी बात ये है कि इस स्टेज पर शराब छोड़ दी जाए तो सुधार संभव है। लेकिन ज्यादातर लोग इस चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं।
आगे बढ़कर बन सकती है गंभीर बीमारी
अगर आदत जारी रहती है, तो यह एल्कोहॉलिक हेपेटाइटिस और फिर सिरोसिस तक पहुंच सकती है। सिरोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लीवर स्थायी रूप से खराब हो जाता है। भारत में इसके कई मामलों के पीछे शराब एक बड़ी वजह है।
बिना संकेत के बढ़ता है खतरा
सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि लीवर की बीमारी अक्सर बिना किसी लक्षण के बढ़ती रहती है। कई लोगों को तब पता चलता है, जब हालत काफी बिगड़ चुकी होती है, जैसे पेट में पानी भरना या ब्लीडिंग जैसी समस्याएं।
डॉक्टर की सीधी सलाह
डॉ. शलीन अग्रवाल का साफ कहना है कि लीवर धीरे-धीरे खराब होता है, एकदम से नहीं। रोजाना शराब पीना, चाहे कम ही क्यों न हो, लीवर को ठीक होने का मौका नहीं देता। इसलिए “थोड़ा-सा” भी लंबे समय में भारी पड़ सकता है।
