फैशन के चक्कर में न दें बीमारियों को न्योता, जान लें कैसे स्टाइल में रहकर टोपी पहनना है फायदेमंद

सर्दियों के मौसम में फैशन के चक्कर में कई लोग जैकेट, पजामा आदि तो पहन लेते हैं। लेकिन अक्सर ही सिर की टोपी पहनना या सिर पर किसी प्रकार का कपड़ा बांधने में कोताही कर जाते हैं। लेकिन ये बीमारियों को न्योता देने जैसा हो सकता है। ऐसे में यहां देखें क्यों टोपी पहनना जरूरी है, वहीं आप कैसे फैशन में रहकर सेहत का ख्याल रख सकते हैं।

सर्दियों के आते ही मोटी जैकेट से लेकर गर्म कपड़े तक निकल आते हैं, लेकिन सिर ढकने से लोग परहेज करते हैं और लोग अपनी सेहत से खिलवाड़ कर बैठते हैं। टोपी पहनना या सिर को कवर करना आज के युवाओं को फैशन में खलल डालने जैसा दिखता है, इसलिए वे अक्सर कानों और चेहरे को खुला छोड़ देते हैं। ऐसे में शरीर के तापमान को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही मानते हैं कि कानों के जरिए शरीर को लगी ठंड सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।

Winter Cap

क्यों सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं कान

चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद दोनों के अनुसार कान शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों में से एक हैं। कानों में न तो मांसपेशियां होती हैं और न ही वसा, जो ठंडी हवा से सुरक्षा कर सके। कान की त्वचा के नीचे तंत्रिकाओं का जाल होता है और जब सर्द हवा सीधे इस हिस्से से टकराती है, तो पूरे शरीर का तापमान प्रभावित होता है।

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