हिंदुस्तान को 'सारे जहां से अच्छा' बताने वाला वो शायर आखिर क्यों मांगने लगा लगा था पाकिस्तान?

शायर इकबाल का पूरा नाम अल्लामा मोहम्मद इकबाल था। उनका जन्म 9 नवंबर 1877 को सियालकोट में हुआ था। इकबाल के पिता हिंदू थे। बाद में उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया था।

1904 में एक 27 साल का शायर अपनी मातृभूमि के लिए ऐसी नज्म लिखता है कि पढ़कर ही हिंदू-मुस्लिम का भेद मिट जाए। उसने लिखा- सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तान हमारा, हम बुलबुले हैं इसके ये गुलिस्तां हमारा। उसकी इस नज्म में गंगा है, हिमालय है, साझा संस्कृति है और इन सबसे आगे सबसे न्यारा हिंदुस्तान है।

Allama Iqbal

अल्लामा इकबाल: वो शायर जिसने लिखा ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’, वही मांगने लगा पाकिस्तान

करीब 26 साल बाद वही शायर इलाहाबाद में मुस्लिम लीग के मंच से कहता है कि पंजाब, नार्थ-वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस, सिंध और बलूचिस्तान को मिलाकर एक संगठित मुस्लिम राष्ट्र बनाया जाना चाहिए। कभी कौमी एकता की बात करने वाला वह शायर अब मजहब के आधार पर अलग मुल्क की मांग बुलंद करने लगा। वह शायर था मोहम्मद इकबाल।

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