जब दिल जुड़े, मन आजाद और नजरें वफादार हों, जानें रिलेशनशिप में क्या होता है 3 L बैलेंस, लाइफटाइम चलता है रिश्ता

What is 3L in relationship: आजकल के दौर में रिलेशनशिप सिर्फ प्यार पर जिंदा नहीं रह सकते। रिश्तों की सांस तब तक चलेगी जब तक उसमें लव के साथ लॉयल्टी और लिबर्टी है। इन तीनों के तालमेल के बिना रिश्ते में घुटन आने लगती है।

3L balance in relationship: रिश्ते कांच के नाजुक बर्तन की तरह होते हैं। थोड़ी सी भी लापरवाही इसे चकनाचूर कर सकती है। रिश्तों की डोर को संभाले रखना किसी एक की जिम्मेदारी नहीं होती। यह ऐसी कड़ी होती है जिसे दोनों तरफ से मजबूत होना पड़ता है। आजकल की दौड़-भाग वाली जिंदगी में हम रिश्तों को उतना वक्त नहीं दे पाते जितनी उसे जरूरत होती है। नतीजा ये होता है कि रिश्तों में धीरे-धीरे दरार आने लगती है और अंत में एक दिन ऐसा आता है जब रिश्ता टूट कर बिखर जाता है। ऐसी किसी भी कंडीशन से बचने के लिए रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स थ्री एल बैलेंस के फार्मूले पर जोर देते हैं। वो मानते हैं कि अगर ईमानदारी से रिलेशनशिप में इस 3 एल रूल को बैलेंस रखा जाए तो उसके टूटने की नौबत कम हो जाती है। आइए समझते हैं कि रिलेशनशिप का ये 3 L बैलेंस है क्या।

What are 3L of relationship

रिलेशनशिप में क्या होता है 3L बैलेंस (Photo: Kareena Kapoor Instagram)

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क्या होता है रिलेशनशिप में 3 L बैलेंस (What is 3L balance)

रिलेशनशिप की दुनिया में माना गया है कि किसी भी रिश्ते की मजबूती के लिए 3 L का बैलेंस होना जरूरी होता है। इस 3 L का पहला एल है लॉयल, दूसरा एल मतलब लव और तीसरा एल मतलब लिबर्टी होता है। किसी भी रिश्ते की नींव उतनी ही मजबूत होगी जितना अच्छा बैलेंस इन तीनों के बीच होगा।

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