800 साल पुरानी विरासत की साड़ी में Kangana Ranaut, कभी तंजावुर की महारानियां पहनती थीं ये साड़ी, खास है इतिहास

Kangana Ranaut द्वारा पहनी गई कोडाली करुप्पुर साड़ी ने एक विलुप्त होती परंपरा को फिर चर्चा में ला दिया है। यह साड़ी भारतीय इतिहास, शिल्पकला और शाही विरासत का अनमोल उदाहरण मानी जाती है।

कंगना रनौत के पास बेशक ही साड़ियों का बेहतरीन कलेक्शन है। कंगना की अलमारी में देश के कोने कोने से बुनकर आई हुई विभिन्न साड़ियां हैं। जिनकी कीमत, डिजाइन तो दुर्लभता देख आप भी हैरान रह जाएंगे। कुछ समय पहले ही Kangana Ranaut ने एक बेहद दुर्लभ कोडाली करुप्पुर साड़ी पहनकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। यह साड़ी सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा और शिल्पकला का जीवंत उदाहरण है। कहा जाता है कि यह साड़ी लगभग 800 साल पुरानी परंपरा से जुड़ी हुई है और कभी तंजावुर की रानियों की पसंद हुआ करती थी।

Kangana Ranaut in Rare Kodali Karuppur saree

कोडाली करुप्पुर साड़ी का इतिहास

कोडाली करुप्पुर साड़ी का विकास 18वीं सदी के दौरान हुआ था। यह साड़ी तमिलनाडु के कुम्बकोणम के पास स्थित कोडाली करुप्पुर गांव में बनाई जाती थी। उस समय यह साड़ी विशेष रूप से शाही परिवारों के लिए तैयार की जाती थी। इस साड़ी को बनाने में सौराष्ट्र से आए बुनकरों की बड़ी भूमिका रही, जो मदुरै, सलेम और कांचीपुरम जैसे शहरों में बस गए थे। एक साड़ी को तैयार करने में सैकड़ों परिवारों की मेहनत लगती थी, जिससे इसकी कीमत और महत्व दोनों बढ़ जाते थे।

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